
Car-Bike Sale And Transfer RC: जब आप अपने वाहन (कार या बाइक) को बेचते हैं, तो उसकी देन-लेन का काम सिर्फ पैसे लेना और गाड़ी सौंप देना नहीं होता। भारत में वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) कानूनी रूप से उस व्यक्ति के नाम होता है जो रिकॉर्ड में मालिक के रूप में दर्ज है। अगर आपने गाड़ी बेच दी लेकिन RC का नाम नए मालिक के नाम पर ट्रांसफर नहीं करवाया, तो आगे चलकर आप कई गंभीर समस्याओं का सामना कर सकते हैं।
1. वाहन की कानूनी जिम्मेदारी आपके नाम बनी रहती है
भारत में Ministry of Road Transport and Highways के रिकॉर्ड के अनुसार, जिसके नाम पर RC है वही कानून की नजर में वाहन का असली मालिक माना जाता है। इसलिए अगर नए खरीदार ने गाड़ी खरीद ली लेकिन RC ट्रांसफर नहीं किया, तब भी सरकारी रिकॉर्ड में वाहन आपके नाम पर ही दिखाई देगा।
ऐसी स्थिति में:
ट्रैफिक नियम तोड़ने पर चालान आपके पते पर आएगा।
दुर्घटना की स्थिति में आपको नोटिस मिल सकता है।
इंश्योरेंस क्लेम में परेशानी हो सकती है क्योंकि कंपनी RC में दर्ज नाम के आधार पर ही दावा निपटाती है।
2. कानूनी नोटिस और जुर्माने की संभावना
अगर नया मालिक वाहन का गलत इस्तेमाल करता है या दुर्घटना में शामिल होता है, तो पुलिस या प्रशासन की ओर से नोटिस सीधे आपके पते पर भेजा जा सकता है। इससे न केवल समय बर्बाद होगा, बल्कि आपको जुर्माना, कानूनी खर्च और मानसिक तनाव का सामना भी करना पड़ सकता है।
3. आर्थिक नुकसान और भविष्य की दिक्कतें
RC ट्रांसफर न होने पर कोर्ट केस, पेनाल्टी और वित्तीय बोझ का खतरा बना रहता है। इसके अलावा भविष्य में नया वाहन खरीदने, लोन लेने या बीमा से जुड़े मामलों में रिकॉर्ड में नाम होने के कारण परेशानी हो सकती है।
5. RC ट्रांसफर कैसे कराएं?
इस समस्या से बचने के लिए जरूरी है कि गाड़ी बेचते ही RTO में RC ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू कर दें। यह प्रक्रिया आप Parivahan Sewa की आधिकारिक वेबसाइट (parivahan.gov.in) से ऑनलाइन भी कर सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज:
फॉर्म 29 (Notice of Transfer of Ownership)
फॉर्म 30 (Application for Transfer of Ownership)
खरीदार और विक्रेता के हस्ताक्षर व पहचान दस्तावेज
वाहन के मूल दस्तावेज, RC और बीमा प्रमाणपत्र
5. केवल बिक्री समझौता काफी नहीं
सिर्फ गाड़ी बेच देने और पैसे ले लेने से कानूनी जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। जब तक सरकारी रिकॉर्ड में RC नए नाम पर अपडेट नहीं होता, तब तक वाहन से जुड़ी सभी कानूनी जिम्मेदारियां पुराने मालिक पर ही रहती हैं।
गाड़ी बेचते समय RC ट्रांसफर कराना उतना ही जरूरी है जितना डील फाइनल करना।
बिना RC ट्रांसफर के आपको:
ट्रैफिक चालान
दुर्घटना नोटिस
इंश्योरेंस क्लेम में दिक्कत
कोर्ट या पुलिस नोटिस
जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए वाहन बेचते ही RC ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू करना ही सुरक्षित और समझदारी भरा कदम है।
Author Profile

- अंकिता कुमारी पत्रकारिता की छात्रा हैं। वर्तमान में वह संजीवनी समाचार डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं और समाचार लेखन व फील्ड रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।
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