Jamin Registry: जमीन की रजिस्ट्री में बिहार ने बनाया रिकॉर्ड, 8,606 डीड निबंधित, एक दिन में सबसे ज्यादा 48.44 करोड़ राजस्व संग्रह
टॉप-10 व्यस्त दिनों में दिसंबर के तीन दिन

Bihar Jamin Registry। राज्य में वर्ष 2025 संपत्ति निबंधन के लिए यादगार रहा। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष के सबसे अधिक निबंधन वाले दिनों में दिसंबर ने बाजी मारी है। टॉप-10 दिनों की सूची में दिसंबर के तीन दिन शामिल हैं, जिनमें 30 दिसंबर शीर्ष पर रहा। इस दिन राज्य भर में रिकॉर्ड 8,606 डीड का निबंधन हुआ और 48.44 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसी तरह 12 दिसंबर को 7,032 डीड निबंधित हुए, जिससे 41.91 करोड़ और 17 दिसंबर को 6,349 डीड निबंधन से विभाग को 41.69 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।
सारण के डीएम ने भू-अर्जन मुआवजे की फाइलें खंगालीं, मुआवजे में देरी पर DLAO से स्पष्टीकरण
विभाग की सूची के अनुसार, 8 अगस्त को (6,725 डीड, 41.94 करोड़), 18 जून (8,519 डीड, 38.97 करोड़), 23 जून (6,695 डीड, 38.39 करोड़), 21 मार्च (7,185 डीड, 37.83 करोड़), 19 नवंबर (7,039 डीड, 37.66 करोड़), 26 मार्च (7,175 डीड, 36.82 करोड़) और 20 जून (7,780 डीड, 36.80 करोड़) रहे।
सबसे अधिक निबंधन का नया रिकॉर्ड
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन सुविधाओं की उपलब्धता, पारदर्शी प्रक्रिया और राज्य सरकार की नीतियों के कारण संपत्ति निबंधन में यह उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है। खासकर दिसंबर में वर्ष अंत और छुट्टियों से पहले लोग अपनी संपत्ति के लेन-देन को पूरा करने के लिए सक्रिय हुए, जिससे एक दिन में सबसे अधिक निबंधन का नया रिकॉर्ड बन पाया है। यह बढ़ोतरी केवल राजस्व वृद्धि ही नहीं, बल्कि राज्य में आर्थिक गतिविधियों के मजबूत होने और लोगों के बीच संपत्ति लेन-देन को लेकर बढ़ते विश्वास का भी प्रमाण है। अब लोग बिना किसी झिझक के संपत्ति की खरीद-बिक्री कर रहे हैं।
Arms license canceled: सारण DM ने 8 हथियार का लाइसेंस किया रद्द, विक्रय को मिली प्रशासनिक मंजूरी
मोबाइल पर मिल रही निबंधन की सूचना: निबंधन महानिरीक्षक
विभाग की इस उपलब्धि पर उत्पाद आयुक्त-सह-निबंधन महानिरीक्षक अंशुल अग्रवाल ने कहा कि विभागीय दिशा निर्देश के अनुसार सभी निबंधित डीड की प्रति वाट्स एप और एसएमएस के जरिए पक्षकारों को तुरंत उपलब्ध कराई जा रही है। इससे निबंधन कराने वाले लोगों को काफी सहूलियत हो रही है।



