
पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने किशनगंज के SDPO गौतम कुमार और सहरसा DRDA के निदेशक वैभव कुमार के खिलाफ एक साथ कई जिलों में छापेमारी की। पटना, पूर्णिया, सहरसा और मुजफ्फरपुर स्थित दोनों अधिकारियों के 6-6 ठिकानों पर की गई इस कार्रवाई में आय से अधिक करोड़ों की संपत्ति का बड़ा खुलासा हुआ है।
छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति बरामद
छापेमारी के दौरान EOU की टीम को भारी मात्रा में चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज और कीमती सामान बरामद हुए हैं। अधिकारियों के पास से करीब 84 लाख रुपये मूल्य के 600 ग्राम सोने के गहने, लगभग 2.50 लाख रुपये की चांदी, और करीब 80 करोड़ रुपये की जमीन-जायदाद व मकानों के कागजात मिले हैं।
परिवार और करीबी भी जांच के घेरे में
जांच में सामने आया है कि SDPO गौतम कुमार की अवैध कमाई में उनकी पत्नी रूबी, सास पूनम देवी और पूर्णिया में रहने वाली उनकी एक महिला मित्र की भी भूमिका रही है। इन तीनों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
गौतम कुमार मूल रूप से पूर्णिया के इंदिरानगर, हाउसिंग कॉलोनी (नाला रोड) के निवासी हैं, जबकि पटना के मुन्ना चक इलाके में उनका एक आलीशान मकान भी सामने आया है।
छापेमारी में क्या-क्या मिला
• 600 ग्राम सोना (करीब 84 लाख रुपये)
• 2.50 लाख रुपये के चांदी के जेवर
• करीब 80 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति के दस्तावेज
• पूर्णिया में लगभग 2.5 करोड़ रुपये का आलीशान मकान
• थार और क्रेटा समेत 4 लग्जरी गाड़ियां
• विदेशी घड़ियों का संग्रह
‘ट्रस्ट’ और महिला मित्र के नाम पर निवेश
EOU की जांच में यह भी सामने आया है कि SDPO की महिला मित्र और DRDA निदेशक से जुड़े एक ‘ट्रस्ट’ के माध्यम से करोड़ों रुपये के लेन-देन और निवेश किए गए हैं, जिसकी गहन जांच की जा रही है।
तस्करों से संबंध के संकेत
जांच एजेंसी को गौतम कुमार के शराब, कोयला, लॉटरी और सुपारी तस्करों से संबंध होने के भी प्रमाण मिले हैं। बताया जा रहा है कि 1994 में दरोगा के रूप में सेवा शुरू करने वाले गौतम कुमार लंबे समय तक सीमांचल क्षेत्र में ही तैनात रहे और पैरवी के दम पर पोस्टिंग हासिल करते रहे।
पहले भी विवादों में रहे
सूत्रों के अनुसार, गौतम कुमार पहले भी अररिया में अवैध वसूली के मामले में निगरानी के हत्थे चढ़ चुके हैं। अब EOU उनके पूरे सेवा काल और 1994 की नियुक्ति से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है।
देश-विदेश में निवेश की जांच
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि पूर्णिया के एक विधायक के साथ मिलकर सिलीगुड़ी में चाय बागान खरीदा गया है। इसके अलावा नोएडा, गुरुग्राम (DLF) में फ्लैट और निवेश की जानकारी भी मिली है। साथ ही सिलीगुड़ी और गंगटोक में भी संपत्ति होने की बात सामने आ रही है, जिसकी जांच जारी है।
आगे की कार्रवाई जारी
EOU ने सभी बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों की गहन जांच शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
यह कार्रवाई बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का एक बड़ा उदाहरण मानी जा रही है, जिससे प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Author Profile

- अंकिता कुमारी पत्रकारिता की छात्रा हैं। वर्तमान में वह संजीवनी समाचार डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं और समाचार लेखन व फील्ड रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।
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