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मलेशिया में Airtel की रोमिंग फेल, पटना में कंपनी पर लगा ₹1.25 लाख का हर्जाना

भारती टेलीमीडिया लिमिटेड और एयरटेल स्टोर संयुक्त रूप से देंगे ₹1 लाख मुआवजा और ₹25 हजार मुकदमा खर्च

पटना। विदेश यात्रा के दौरान मोबाइल कनेक्टिविटी की उम्मीद में अंतरराष्ट्रीय रोमिंग सेवा लेने के बावजूद यदि फोन काम न करे, तो परेशानी और बढ़ जाती है। ऐसा ही एक मामला मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर से जुड़ा है, जहां अंतरराष्ट्रीय रोमिंग सेवा उपलब्ध कराने के आश्वासन के बावजूद सेवा काम नहीं करने पर उपभोक्ताओं को उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाना पड़ा। मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, पटना ने भारती टेलीमीडिया लिमिटेड और एयरटेल स्टोर को सेवा में कमी तथा अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए संयुक्त रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए कुल 1.25 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है।

आयोग के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्र और सदस्य रजनीश कुमार की पीठ ने परिवाद संख्या 80/2016 में यह निर्णय सुनाया। आदेश के अनुसार, शिकायतकर्ताओं पुष्कर शर्मा और दीप्ति शर्मा को हुई असुविधा, मानसिक परेशानी और उत्पीड़न के लिए एक लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा मुकदमे के खर्च के रूप में 25 हजार रुपये का भुगतान करना होगा।

जनवरी 2016 में विदेश यात्रा के दौरान आई थी परेशानी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि जनवरी 2016 में विदेश यात्रा पर जाने से पहले उन्हें अपने मोबाइल नंबर पर अंतरराष्ट्रीय रोमिंग सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन मलेशिया के कुआलालंपुर में रहने के दौरान यह सेवा प्रभावी रूप से काम नहीं कर सकी।

शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, उन्होंने समस्या के समाधान के लिए कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्हें प्रभावी राहत नहीं मिली। अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान मोबाइल सेवा उपलब्ध नहीं होने से हुई असुविधा और मानसिक परेशानी को लेकर उन्होंने आयोग में परिवाद दायर किया तथा मुआवजे की मांग की।

एसएमएस और शिकायतों से जुड़े साक्ष्यों पर विचार

मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलों, प्रस्तुत दस्तावेजों, एसएमएस संवादों और शिकायतों से संबंधित साक्ष्यों पर विचार किया। आयोग ने पाया कि अंतरराष्ट्रीय रोमिंग सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद शिकायतकर्ताओं को सेवा प्रभावी रूप से नहीं मिली।

आयोग ने इस स्थिति को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार माना। इसी आधार पर भारती टेलीमीडिया लिमिटेड एवं एयरटेल स्टोर को शिकायतकर्ताओं को मुआवजा और मुकदमे का खर्च देने का निर्देश दिया गया।

60 दिनों में भुगतान, देरी पर 12 प्रतिशत ब्याज

आयोग ने भुगतान के लिए 60 दिनों की समय-सीमा तय की है। आदेश की प्रति प्राप्त होने के 60 दिनों के भीतर कुल निर्धारित राशि का भुगतान करना होगा। यदि तय अवधि में भुगतान नहीं किया जाता है, तो बकाया राशि पर भुगतान होने तक 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा।

फैसले की मुख्य बातें

विवरणआयोग का आदेश
आयोगजिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, पटना
परिवाद संख्या80/2016
शिकायतकर्तापुष्कर शर्मा एवं दीप्ति शर्मा
विपक्षी पक्षभारती टेलीमीडिया लिमिटेड एवं एयरटेल स्टोर
विवादअंतरराष्ट्रीय रोमिंग सेवा उपलब्ध नहीं होना
मुआवजा₹1,00,000
मुकदमे का खर्च₹25,000
कुल भुगतान₹1,25,000
भुगतान की समय-सीमाआदेश की प्रति प्राप्त होने के 60 दिनों के भीतर
देरी पर ब्याजबकाया राशि पर 12% वार्षिक

उपभोक्ता सेवा में कमी पर आयोग ने तय की जवाबदेही

यह फैसला अंतरराष्ट्रीय रोमिंग सेवा से जुड़े विवाद में उपभोक्ता शिकायतों और सेवा संबंधी आश्वासनों के महत्व को रेखांकित करता है। आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित कंपनियों को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए जिम्मेदार माना और शिकायतकर्ताओं को आर्थिक राहत देने का आदेश दिया।

अब निर्धारित समय-सीमा के भीतर भुगतान किया जाना है। यदि आदेश का पालन तय अवधि में नहीं होता है, तो बकाया राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लागू होगा।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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