
छपरा। सारण जिला में गंभीर अपराधों के मामलों में त्वरित विचारण की कड़ी कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में गुरुवार, 28 अगस्त 2025 को सारण के विशेष न्यायालय (पोक्सो) ने एक अभियुक्त को दोषी पाते हुए 20 वर्ष का कठोर सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। यह मामला महिला थाना कांड संख्या–65/24 (दिनांक 25.09.24) से संबंधित था। विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) अस्मिता राज ने अभियुक्त शिवमोहन सिंह उर्फ पप्पू कुमार, पिता रामाशंकर सिंह को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा सुनाई। छपरा शहर के एक नगीना सिंह कॉलोनी स्थित एक निजी स्कूल में बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था।
क्या मिली है सजा
- धारा 65(2) बी.एन.एस. 2023 के तहत 20 वर्ष का कठोर सश्रम कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड, अर्थदंड नहीं चुकाने पर 6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास।
- धारा 4 पोक्सो अधिनियम के तहत 20 वर्ष का कठोर सश्रम कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड, अर्थदंड नहीं चुकाने पर 6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा दी गयी है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
इस कांड की जांच अनुसंधानकर्ता द्वारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई। मामले में लोक अभियोजक सर्वजीत ओझा और सहायक अधिवक्ता अश्विनी कुमार ने अभियोजन पक्ष रखा।
अभियोजन की ओर से डॉक्टर और अनुसंधानकर्ता सहित कुल 07 साक्षियों की गवाही कराई गई। मात्र 11 माह 3 दिन में सुनवाई पूरी कर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।
सारण पुलिस ने कहा कि गंभीर मामलों में त्वरित विचारण कर दोषियों को सख्त सजा दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है। भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को न्यायालय से कठोर सजा दिलाने की प्रक्रिया जारी रहेगी।