छपरा

सारण में पटाखों की बिक्री पर सख्ती! ग्रीन पटाखों को ही मिल सकती है मंजूरी, रात 8 से 10 बजे तक आतिशबाजी

डीएम वैभव श्रीवास्तव ने जारी किया आदेश

छपरा। दीपावली और छठ पर्व के दौरान पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी को लेकर सारण जिला प्रशासन ने नियम सख्त कर दिए हैं। जिले में पटाखों का भंडारण और बिक्री करने के इच्छुक पात्र लोगों को अस्थायी अनुज्ञप्ति यानी लाइसेंस लेना होगा। इसके साथ ही पटाखों की दुकानों की सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था, बिजली के सुरक्षित इस्तेमाल और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन अनिवार्य रहेगा। जिला दंडाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

जारी आदेश के अनुसार, दीपावली और छठ-2026 के अवसर पर पटाखों की बिक्री एवं भंडारण के लिए अस्थायी अनुज्ञप्ति देने की प्रक्रिया विस्फोटक नियमावली, 2008 के नियम 84 और एक्सप्लोसिव अमेंडमेंट रूल्स, 2019 के प्रावधानों के तहत संचालित की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुरूप कम उत्सर्जन वाले और ग्रीन पटाखों की बिक्री एवं उपयोग की अनुमति जांच के बाद दी जा सकती है। अन्य प्रकार के पटाखों की बिक्री और उपयोग प्रतिबंधित रहेंगे।

रात 8 से 10 बजे तक ही कर सकेंगे आतिशबाजी

जिला प्रशासन ने आतिशबाजी के लिए निर्धारित समय का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है। आदेश के मुताबिक, आतिशबाजी की अनुमति केवल रात 8 बजे से 10 बजे तक रहेगी। सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में इस समय-सीमा का अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।

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आदेश में यह भी कहा गया है कि बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की ओर से वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जारी निर्देशों का अक्षरशः पालन कराया जाए। पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल के मामले में संबंधित न्यायालयों के निर्देश भी प्रभावी रहेंगे।

पटाखा दुकानों के बीच तीन मीटर की दूरी अनिवार्य

पटाखों की दुकानों और भंडारण स्थलों पर आग तथा दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने के लिए सुरक्षा संबंधी मानक तय किए गए हैं। पटाखे रखने का स्थान अज्वलनशील पदार्थों से निर्मित होना चाहिए और वहां अनधिकृत व्यक्तियों की पहुंच नहीं होनी चाहिए।

आदेश के अनुसार, पटाखा रखने के स्थान और बिक्री स्थल के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी रखनी होगी। इसके साथ ही बिक्री स्थल को संरक्षित स्थलों से कम से कम 50 मीटर दूर रखना अनिवार्य होगा। बिक्री स्थल और संरक्षित स्थल आमने-सामने भी नहीं होने चाहिए।

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पटाखों के प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान भी शेड से 50 मीटर के भीतर नहीं होना चाहिए। प्रशासन ने इन शर्तों का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है, ताकि पटाखों की बिक्री और प्रदर्शन के दौरान आग लगने या अन्य दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।

बिजली के झूलते तार और खुली रोशनी पर रोक

पटाखा दुकानों में रोशनी की व्यवस्था करते समय भी सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। तेल से जलने वाले लैम्प, गैस लैम्प या खुली रोशनी को सुरक्षा की दृष्टि से पटाखा स्थल के शेड से दूर रखना होगा।

यदि दुकान में बिजली की रोशनी का इस्तेमाल किया जाता है, तो बिजली के उपकरण भवन की दीवार या छत पर स्थायी रूप से लगाए जाने चाहिए। झूलते हुए बिजली के तारों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। प्रत्येक दुकान का स्विच अलग-अलग दीवार पर फिक्स होना चाहिए और मास्टर स्विच कतारबद्ध तरीके से व्यवस्थित रहना चाहिए।

एक समूह में 50 से अधिक दुकानों की अनुमति नहीं

पटाखों की दुकानों के समूह यानी क्लस्टर के लिए भी सीमा निर्धारित की गई है। आदेश के अनुसार, एक क्लस्टर में 50 से अधिक दुकानों को अनुमति नहीं दी जाएगी।

ऐसे प्रत्येक क्लस्टर में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था, एंबुलेंस और कम से कम दो अग्निशमन वाहन उपलब्ध कराने होंगे। इसके अलावा प्रत्येक क्लस्टर में चेतावनी बोर्ड लगाना जरूरी होगा। इन बोर्डों पर अंग्रेजी में “Explosive and Dangerous Goods” तथा हिंदी में “विस्फोटक एवं खतरनाक सामग्री” प्रदर्शित किया जाएगा।

इन प्रावधानों का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराना और पटाखों के भंडारण एवं बिक्री के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है।

अस्थायी लाइसेंस के लिए जमा करना होगा 500 रुपये का चालान

दीपावली और छठ के दौरान पटाखों के भंडारण एवं बिक्री के लिए अस्थायी अनुज्ञप्ति प्राप्त करने के इच्छुक पात्र आवेदकों को निर्धारित मद में 500 रुपये का चालान जमा करना होगा।

जिला दंडाधिकारी ने अस्थायी अनुज्ञप्ति जारी करने से संबंधित आवेदनों पर विचार करने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अधिकृत किया है। वहीं, प्रभारी पदाधिकारी, जिला शस्त्र शाखा को पटाखों की अस्थायी अनुज्ञप्ति के लिए प्राप्त आवेदन संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

ग्रीन पटाखों की अनुमति भी जांच के बाद

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पटाखों की बिक्री और उपयोग के मामले में सर्वोच्च न्यायालय तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशों का पालन करना होगा। आदेश के अनुसार, कम उत्सर्जन वाले और केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री एवं उपयोग की अनुमति जांच के बाद दी जा सकती है। इनके अतिरिक्त अन्य प्रकार के पटाखों की बिक्री और उपयोग प्रतिबंधित रहेंगे।

जिला प्रशासन ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराने, आवश्यक कार्रवाई करने और संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। दीपावली और छठ के दौरान पटाखों की दुकानों की सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था और प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का अनुपालन महत्वपूर्ण रहेगा।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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