छपरा

सारण में जमीन निबंधन की राह होगी आसान! तीन हेल्पडेस्क, फ्लो चार्ट और टीवी स्क्रीन से मिलेगी पूरी जानकारी

पेपरलेस प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए डीएम का बड़ा निर्देश

छपरा। जमीन-जायदाद के निबंधन के लिए कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को अब प्रक्रिया समझने और अलग-अलग काउंटरों के चक्कर लगाने से राहत दिलाने की तैयारी की जा रही है। पेपरलेस निबंधन व्यवस्था को आमजन के लिए और अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने शुक्रवार को जिला निबंधन कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नागरिकों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण सुधार के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि पेपरलेस व्यवस्था का उद्देश्य केवल कागज का उपयोग कम करना नहीं है, बल्कि पूरी निबंधन प्रक्रिया को कम समय, कम परेशानी और अधिक पारदर्शिता के साथ पूरा कराना है। इसके लिए कार्यालय पहुंचने वाले व्यक्ति को आवेदन से लेकर निबंधित दस्तावेज मिलने तक हर चरण की स्पष्ट जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

‘मे आई हेल्प यू’ काउंटर को बनाया जाएगा और सुविधाजनक

निरीक्षण के दौरान डीएम ने ‘मे आई हेल्प यू’ काउंटर का जायजा लिया। उन्होंने आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए काउंटर की खिड़की में स्लाइडिंग व्यवस्था करने और बाहर की ओर अतिरिक्त सेवा काउंटर विकसित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि कार्यालय में प्रवेश करते ही लोगों को निबंधन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और संबंधित जानकारी मिल जानी चाहिए, ताकि उन्हें एक काउंटर से दूसरे काउंटर तक भटकना न पड़े।

फ्लो चार्ट और चेकलिस्ट से समझेगी पूरी प्रक्रिया

पेपरलेस निबंधन प्रक्रिया को आमजन के लिए आसान बनाने के लिए जिलाधिकारी ने सरल भाषा में फ्लो चार्ट तैयार कर उसे होर्डिंग और फ्लेक्स के माध्यम से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया।

इसमें ऑनलाइन आवेदन, आवश्यक दस्तावेज, शुल्क, सत्यापन, पेपरलेस प्रक्रिया और निबंधित दस्तावेज प्राप्त करने तक की पूरी प्रक्रिया को क्रमवार दिखाया जाएगा। साथ ही, जरूरी दस्तावेजों की चेकलिस्ट, निर्धारित शुल्क और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएंगी।

तीन हेल्पडेस्क होंगे, कर्मियों को मिलेगा प्रशिक्षण

डीएम ने हेल्पडेस्क व्यवस्था को मजबूत करते हुए कार्यालय में तीन हेल्पडेस्क सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा सभी लिपिकों और संबंधित कर्मियों को निबंधन प्रक्रिया की जानकारी और आमजन को बेहतर मार्गदर्शन देने के लिए प्रशिक्षित करने को कहा।

पब्लिक इंटरेक्शन वाले काउंटरों पर प्रशिक्षित और व्यवहार कुशल कर्मियों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया, ताकि पेपरलेस निबंधन से जुड़ी किसी भी शंका का समाधान लोगों को मौके पर ही मिल सके।

FAQ की जानकारी और बाहर लगेगी टीवी स्क्रीन

कार्यालय आने वाले लोगों की सामान्य शंकाओं को दूर करने के लिए अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों यानी FAQ से संबंधित विशेष होर्डिंग और फ्लेक्स लगाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कार्यालय परिसर के बाहर नोटिस बोर्ड के समीप टीवी स्क्रीन लगाने को कहा गया है।

इस स्क्रीन पर निबंधन की पूरी प्रक्रिया, फ्लो चार्ट, आवश्यक दस्तावेज और अन्य दिशा-निर्देश लगातार प्रदर्शित किए जाएंगे।

आरटीआई और आंतरिक कार्यों के काउंटर होंगे अलग

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आरटीआई काउंटर और संचिकाओं के निष्पादन जैसे आंतरिक कार्यों से जुड़े काउंटरों को आम नागरिकों के सेवा काउंटरों से अलग कर कार्यालय के अंदर की ओर व्यवस्थित किया जाए। इसका उद्देश्य पब्लिक इंटरेक्शन वाले स्थानों पर भीड़ कम करना और सेवा व्यवस्था को अधिक सुचारू बनाना है।

जीपीएस आधारित फोटो और ऑनलाइन पेपरलेस प्रक्रिया की ली जानकारी

जिलाधिकारी ने स्पॉट फोटो और जीपीएस आधारित फोटो से संबंधित प्रक्रिया की भी जानकारी ली। इस दौरान अवर निबंधक अभिषेक सिंह ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था में संबंधित प्रक्रिया के तहत जीपीएस आधारित फोटो अनिवार्य है और निबंधन की ऑनलाइन पेपरलेस व्यवस्था लागू है।

डीएम ने पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग तभी सफल माना जाएगा, जब आम नागरिक उसे आसानी से समझ और उपयोग कर सके।

चालान जमा करने के लिए मिलेगी अतिरिक्त राहत

राशि और चालान जमा करने की प्रक्रिया की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चालान जमा करने की समय-सीमा दोपहर 3:30 बजे से बढ़ाकर शाम 4 बजे तक करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

इससे देर से कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को अतिरिक्त समय मिल सकेगा और उन्हें केवल समय समाप्त होने के कारण अगले दिन दोबारा कार्यालय आने की परेशानी कम होगी।

डीएम ने खुद रैयत को सौंपे निबंधित डीड के कागजात

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं एक रैयत को निबंधित डीड के कागजात सौंपे। उन्होंने दस्तावेज वितरण की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए बेहतर गुणवत्ता में कागजात उपलब्ध कराने के लिए कलर प्रिंटर की सुविधा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

इसके अलावा चालान काउंटर का भी निरीक्षण कर उसे अधिक व्यवस्थित और नागरिकों के लिए सुलभ बनाने को कहा गया।

कम समय और कम परेशानी में हो निबंधन

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि आधुनिक पेपरलेस व्यवस्था के माध्यम से निबंधन प्रक्रिया को पुराने कागजी तरीके की तुलना में अधिक सुगम, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जा सकता है। जरूरत इस बात की है कि कार्यालय की व्यवस्था इस तरह विकसित की जाए, जिससे किसी भी नागरिक को निबंधन के लिए अनावश्यक रूप से अधिक समय तक कार्यालय में न रुकना पड़े।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि जिला निबंधन कार्यालय में आमजन की सुविधा, पारदर्शिता और सम्मानजनक सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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