शिक्षकों की समस्याएं लेकर CM दरबार पहुंचे डॉ. राहुल राज, वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने की मांग
डॉ. राहुल राज ने CM सम्राट चौधरी से की अहम मुलाकात

छपरा। बिहार में शिक्षकों की लंबित समस्याओं को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से 2026 विधान परिषद चुनाव के संभावित एनडीए प्रत्याशी व शिक्षाविद् डॉ. राहुल राज ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर राज्य के हजारों शिक्षकों के वेतन, पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़े गंभीर मुद्दों को मजबूती से उठाया। मुख्यमंत्री ने इन मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया है।
भाजपा बिहार प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सह शिक्षाविद् डॉ. राहुल राज ने मुख्यमंत्री सचिवालय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की।
शिक्षकों के नियमित और सम्मानजनक वेतन भुगतान की मांग
डॉ. राहुल राज ने खास तौर पर वित्त अनुदानित एवं वित्त रहित शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों के नियमित और सम्मानजनक वेतन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हजारों शिक्षक सीमित अनुदान, अनियमित वेतन और असुरक्षित भविष्य के बीच काम करने को मजबूर हैं, जिससे न केवल उनका मनोबल गिर रहा है बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।
7वां वेतनमान लागू हो
उन्होंने विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों की सेवा अवधि 65 वर्ष तक सुनिश्चित करने, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विभिन्न वर्गों के शिक्षकों के लंबित वेतन और पेंशन का शीघ्र भुगतान, 7वां वेतनमान लागू करने और स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग भी प्रमुखता से रखी।
इसके साथ ही महिला और दिव्यांग शिक्षकों को स्थानांतरण में प्राथमिकता देने, स्कूलों में लिपिक, परिचारी और सफाई कर्मियों की नियुक्ति तथा प्रधानाध्यापकों को राजपत्रित दर्जा देने की मांग भी शामिल रही।
वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त किया जाये
डॉ. राहुल राज ने वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करने की पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि यह नीति शिक्षकों के सम्मान और स्थायित्व में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि यदि इसे समाप्त कर स्थायी वेतन व्यवस्था लागू की जाती है, तो यह बिहार की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव साबित होगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद इन सभी विषयों की समग्र समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के वेतन और पेंशन के भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि उन्हें उनका अधिकार और सम्मान मिल सके।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- October 22, 2026क्राइमसारण में युवक को सिर में मारी गोली, गंभीर हालत में गोरखपुर रेफर
- October 21, 2026Railway Updateछपरा-सीवान के यात्रियों को रेलवे की सौगात! चंडीगढ़-बरौनी के बीच चलेगी त्योहार स्पेशल ट्रेन, जानें पूरा शेड्यूल
- October 21, 2026Railway UpdateRailway Alert: छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस का ठहराव रद्द, 7 ट्रेनों के परिचालन में बदलाव; यात्रा से पहले जानें अपडेट
- October 21, 2026छपरासारण में गृह रक्षक भर्ती में बड़ा बदलाव: 3 अभ्यर्थियों का चयन रद्द, प्रतीक्षा सूची से नए उम्मीदवारों को मौका



