क्राइमछपरा

छपरा में 20 साल पुराने हत्याकांड में 4 सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा

हत्याकांड के 20 साल बाद मिला न्याय

छपरा। छपरा में करीब 20 वर्ष पुराने बहुचर्चित हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए चार सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक अभियुक्त पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस निर्णय से पीड़ित परिवार को दो दशक बाद न्याय मिल सका है।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनायी सजा

यह फैसला न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-12  अंजनी कुमार गोंड की अदालत ने मढ़ौरा थाना कांड संख्या-28/07, दिनांक 05 फरवरी 2007 (सत्रवाद संख्या-600/2007) में सुनाया। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149, 323, 324, 307 एवं 302 के तहत आरोप तय किए गए थे। सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने चारों अभियुक्तों को धारा 302/149 भा.दं.वि. के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर तेज हुआ विचारण

पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार वर्ष 2026 में सारण जिला के अंतर्गत गंभीर अपराधों को चिन्हित कर त्वरित विचारण सुनिश्चित कराया जा रहा है। इसी क्रम में इस पुराने हत्याकांड की सुनवाई में तेजी लाई गई। अनुसंधानकर्ता द्वारा गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान कर मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

अभियोजन पक्ष की ओर से डॉक्टर एवं अनुसंधानकर्ता सहित कुल छह गवाहों की गवाही कराई गई। अपर लोक अभियोजक  विमल चन्द्र सिंह ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखते हुए अभियुक्तों के विरुद्ध सशक्त तर्क प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर न्यायालय ने दोषसिद्धि का निर्णय सुनाया।

सजायाफ्ता अभियुक्तों के नाम

  1. रविन्द्र सिंह, पिता- धर्मनाथ सिंह, निवासी- मोथहों, थाना- मढ़ौरा, जिला- सारण।
  2. विजय सिंह, पिता- धर्मनाथ सिंह, निवासी- मोथहाँ, थाना- मढ़ौरा, जिला- सारण।
  3. सुबास सिंह, पिता- धर्मनाथ सिंह, निवासी- मोथहों, थाना- मढ़ौरा, जिला- सारण।
  4. गुड्डु सिंह, पिता- धर्मनाथ सिंह, निवासी- मोथहाँ, थाना- मढ़ौरा, जिला- सारण।

गंभीर मामलों में सजा दिलाने की मुहिम जारी

सारण पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में लंबित गंभीर आपराधिक मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर त्वरित सुनवाई कराई जा रही है, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और अपराधियों में कानून का भय कायम रहे।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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