छपरा। छपरा में 70 साल के एक बुजुर्ग 42 साल के बाद दोगा कराने पूरे ठाढ़ बाथ और राजसी अंदाज में  बारात  लेकर  निकले तो पूरे इलाके के लोगों ने इस बारात को देखा इसके साथ ही हजारों लोग इस बारात के गवाह बने। लगभग सात दशक से ज्यादा उम्र के राजकुमार सिंह ने जिंदगी के इस पड़ाव को  यादगार बना डाला। राजकुमार सिंह के इस बारात में उसकी सात बेटियां और एक बेटा के साथ  नाती  नतिनी पोता पोती सहित पूरा गांव बाराती बना। यह वाकया छपरा जिले के एकमा  प्रखंड केआमदाढ़ी  गाँव का है इस गांव के निवासी राजकुमार सिंह की शादी 42 साल पहले आज के ही दिन हुई थी लेकिन पत्नी का  दोंगा नही हुआ था। इसकी टिस कही ना कही उनके मन मे थी।

राजकुमार सिंह अपनी शादी के 42 वर्ष के बाद पत्नी का दोंगा कराने रथ पर सवार होकर निकला तो लोग हैरान हो गए।जिले के एकमा थाना के  आमदाढी  में बरात रथ पर बैठ कर हाथी, घोडा, ऊट, बैंड पाटी, डीजे, आरकेस्टा,  शिंघा,   गाडी , टेम्पू के साथ बरात निकली तो देखने वाले दांतो तले उंगली दबाने लगे।दूल्हा बने राजकुमार सिह ने बताया की 42 साल पूर्व उनकी शादी में माँझी थाने के नचाप गांव से बरात आमडाढी आई थी ।शादी के बाद वह कभी अपने ससुराल आमडाढ़ी नही गए थे और न कभी दोंगा ही हुआ था । आज मेरी बेटियो  व बेटा ने मिलकर 42 वर्ष के बाद दोंगा का रस्म किया गया ।

राजकुमार सिंह अपने गांव में एक आटा चक्की चलाते हैं। काफी संघर्ष कर उन्होंने अपने साथ बेटियों को बिहार पुलिस और सेना में नौकरी दिलाई और बेटा को इंजीनियर बनाया। बच्चों के जिद के आगे राजकुमार सिंह को झुकना पड़ा और दूल्हा बनकर बरात के साथ निकल पड़े अपनी पत्नी को दुबारा विदा कर घर लाने। अपने दूल्हे का यह अंदाज पत्नी को भी काफी पसंद आया वही बच्चों ने भी राजकुमार सिंह के प्रयासों की सराहना की जिसके बदौलत आज वे इस मुकाम पर है।

बरहाल राजकुमार सिंह की दूसरी शादी पूरे इलाके में चर्चा के विषय बनी हुई है। नचनिया के नाच के साथ शादी में हर वह व्यवस्था की गई थी जिसने इस  दोंगा के रस्म को यादगार बना दिया।

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