1 जुलाई से शादी-विवाह पर लगेगा चार माह का ब्रेक, 25 नवंबर से फिर बैंड-बाजा बारात

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पटना।पहली जुलाई से सनातन धर्मावलंबियों के शादी-ब्याह के शुभ मुहूर्त पर चातुर्मास के चलते चार महीने का ब्रेक लग जायेगा। पहली जुलाई को हरिशयन एकादशी है। मान्यता है कि इस एकादशी से प्रभु श्री हरि शयन को चले जाते हैं। इसके साथ ही चातुर्मास शुरू हो जाता है।


चातुर्मास में सनातन धर्मावलंबियों के शादी ब्याह के शुभ मुहूर्त नहीं बनते हैं। हालांकि बनारसी पंचांगों में हरिशयन एकादशी से पहले 26 से 30 जून तक शादी-ब्याह के पांच शुभ मुहूर्त बचे हैं। दूसरी ओर मिथिला पंचागों के हिसाब से शादी-ब्याह के शुभ मुहूर्त 17 जून को ही समाप्त हो गये हैं। बनारसी पंचांग के हिसाब से चातुर्मास के बाद 25 नवंबर  से शादी-ब्याह के शुभ मुहूर्त शुरू होंगे। वहीं मिथिला पंचांगों के मुताबिक 1 दिसंबर से शुभ विवाह के मुहूर्त शुरू होंगे।

वैदिक ज्योतिषी धीरेंद्र कुमार तिवारी ने महावीर और हृषीकेश पंचांगों के हिसाब से बताया कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष में 30 जून दशमी तिथि तक ही शादी-ब्याह के शुभ मुहूर्त हैं। आषाढ़ शुक्ल एकादशी यानी बुधवार एक जुलाई को हरिशयन और चातुर्मास शुरू हो जाएगा। हरिशयनी एकादशी के बाद अगला विवाह विवाह            मुहूर्त 25 नवंबर से शुरू हो रहा है। हरि प्रबोधिनी एकादशी भी 25 नवंबर को है। इसी दिन से अगले विवाह मुहूर्त शुरू हो रहे हैं।

जून में शुभ विवाह के मुहूर्त
(महावीर और ऋषिकेश पंचांग, बनारस के अनुसार)
शुक्रवार 26 जून, शनिवार 27 जून,रविवार 28 जून
सोमवार 29 जून, मंगलवार 30 जून.

नवंबर में विवाह मुहूर्त
(बनारसी पंचांगों के अनुसार)


25 नवंबर, 30 नवंबर

दिसंबर में विवाह मुहूर्त (बनारसी पंचांग)
1, 2 , 6 ,7 , 8 ,9 ,10 ,11,13 ,14

मिथिला पंचांग के अनुसार ,शुभ विवाह मुहूर्त:
दिसंबर में :2, 6, 7, 10, 11, 14

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