गए थे कोरोना की जांच कराने, वज्रपात ने ले ली तीन लोगों की जान

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@संजीवनी रिपोर्टर
छपरा : यह अजीब विडंबना है कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खौफ से आम व खास सहमे हुए हैं।इसके संक्रमण से बचने के लिए सैंपल देने तीन लोग गए थे और वह अभी सैंपल भी नहीं दे पाए थे, तब तक आसमान से उन पर मौत (वज्रपात हो गयी) बरस पड़ी और उन्हें मौके पर ही जान गंवानी पड़ी। यह घटना सारण जिले के गड़खा थाना क्षेत्र के महम्मदा बथानी गांव में ब्रह्म स्थान के पास की है। मंगलवार को दोपहर के समय गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना वायरस की जांच के लिए सैंपल कलेक्शन करने पहुंची थी।

तीन दिन पहले इस गांव में एक महिला कोरोना वायरस के संक्रमण की पॉजिटिव पाई गई थी, जिसके बाद इस गांव में रैंडम जांच कराने का निर्देश सिविल सर्जन डा माधवेश्वर झा ने दिया था। इस गांव के करीब 150 व्यक्तियों को जांच के लिए चिन्हित किया गया था। एक सौ व्यक्तियों की सैंपल का कलेक्शन कर लिया गया था। दोपहर करीब 2:30 बजे तेज बारिश शुरू हो गयी। बारिश से बचने के लिए करीब 50 लोग आस-पास के घरों तथा झोपड़ियों में छुप गये। बगल में भूसा के खोंप के पास दो महिला, एक किशोर व एक वृद्ध छिप गये। एक महिला आम चुनने चली गयी। इसी बीच आसमान से बरसी मौत ने तीन लोगों की जान ले ली, जिसमें बिहारी राय के 11 वर्षीय मासूम विक्रम कुमार, कामेश्वर राय की पत्नी 45 वर्षीय सरोज देवी, रामलाल राय के 61 वर्षीय पुत्र ठाकुर राय की मौत हो गयी। तीनों एक ही पट्टीदार (गोतिया) के हैं। इन तीनों के गोतिया में मंगलवार की रात को बारात भी आयी है। दिन में बारात की तैयारी चल रही थी। इस घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गयी। तीन लोगों की मौत के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया । तीनों के परिवार के सदस्यों के रोने बिलखने तथा मातमी चित्कार से पूरा इलाका गुंजायमान हो उठा। करीब एक हजार की आबादी वाले इस गांव में कोरोना के लिए जांच के लिए सैंपल कलेक्शन करने गयी मेडिकल टीम भाग खड़ी हुई। बाद में पुलिस पहुंची तथा अंचल पदाधिकारी भी आए, जिसके बाद शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल ले जाकर पोस्टमार्टम कराया गया। कोरोना की जांच होने के बाद उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आती या पॉजिटिव? यह तो कहना मुश्किल है। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण उनकी जान जाती या नहीं यह नहीं कहा जा सकता है, लेकिन महामारी पर प्राकृतिक आपदा भारी पड़ गई। एक तरफ एक परिवार में शादी समारोह जैसे तैसे चल रहा है

वहीं दूसरी ओर 3 परिवारों में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही है सबसे दुखद पहलू यह है कि ठाकुर राय के साला की पत्नी की मौत हो जाने के बाद उनकी पुत्री को दत्तक पुत्री के रूप में रखे हैं। दरअसल ठाकुर राय को भी पहले से कोई संतान नहीं है और पत्नी का भी देहांत हो चुकी है। गनीमत यही है कि ठाकुर राय अपने दत्तक पुत्री की शादी कर चुके हैं। फिलहाल इस घटना ने महमदा बथानी गांव को झकझोर कर रख दिया है।

तीनों के शव का एक साथ पोस्टमार्टम कराया गया और एक साथ गांव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार के लिए अर्थी भी निकाली गई

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