घूम गईल मोटर के चाभी, हमार दिल देवर से लागी…

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घूम गईल मोटर के चाभी, हमार दिल देवर से लागी…

मणिबेन और सुरेश कुमार के पारंपरिक विवाह गीत ने लॉक डाउन में कराया लगन का एहसास
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@संजीवनी रिपोर्टर रवि कुमार गोप

छपरा।बेशक लॉक डाउन में शादी विवाह आदि निजी व सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द हो गया है। पर घर बैठे आन लाइन कई संस्थायें कार्यक्रम आयोजित कर अपना मनोरंजन कर रहे है और करा रहे हैं।सारण भोजपुरिया समाज ने संस्था के सक्रिय सदस्य व संरक्षक भोजपुरी साहित्य – सांस्कृतिक कर्मी मुम्बई प्रवासी सुरेश कुमार की वैविवाहिक वर्षगांठ को स्मरणीय बनाने के लिए पारम्परिक विवाह संस्कार गायन का आयोजन किया।जहां वाराणसी से पारम्परिक गीतों की गायिका मणिबेन द्विवेदी और मुम्बई से स्वयं सुरेश कुमार ने कवि साहित्यकार राम प्रकाश तिवारी के संचालन में एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति कर लॉक डाउन में भी लगन का एहसास कराया।कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के अध्यक्ष ज्वाला सिंह, संस्थापक बिमलेंदु भूषण पांडेय, महासचिव सत्यप्रकाश यादव द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। फिर आमंत्रित गायिका मनिबेन की सुमधुर आवाज में गौरी गणेश महेश मनाइले, शिव जी के चरण पखारिले हरि गुण गाइले व गजमोती चउका पुराइले मंगलाचरण गीत से प्रारम्भ हो कर समधी के गाली गीत पर जा कर देर रात समाप्त हुआ। ठाढी कौशल्या माई तिलक निरेखेली गीत में मुम्बई से आन लाइन सुरेश कुमार ने छोटे-छोटे बटुला चढ़इह गीत से सुर मिलाया तो माहौल पुरी तरह वैविवाहिक महसूस होने लगा।फिर माड़ो छवाई गीत हरिहर बांसवा कटाइब राजा जनक, माटी कोड़ाइ कहवां के पियर माटी गीत हल्दी गीत के अलावे कन्या निरीक्षण बरनेत रश्म की भसूर की गाली गीत कंगना होगा पुरान गाली दूंगी हजार ने जहां श्रोताओं को गुदगुदाया वहीं कन्यादान गीत आम ले मीठी महुईया ए बाबा व कवन नगरिया जुअवा खेली अइल पारम्परिक गीत सुन आंखें भी डबडबाने पर मजबूर हुआ। फिर खालऽ खालऽ समधी जी दाल भातवा गाली गीत और घूम गईल मोटर के चाभी हमार दिल देवर से लागी व छपरा शहरिया… चढत कमर लची जाए हो पिया फूलगेनवा लगा दऽ जैसे पारम्परिक झूमर गीत सुना कर मणि बेन ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।इस क्रम में अमरेंद्र सिंह आरा व त्रिलोकी तिवारी के विवाह संस्कार गीत भी कर्ण प्रिय लगे।वरीय कवि साहित्यकार संगीत सुभाष, अरविंद श्रीवास्तव, डा सुनील उपाध्याय, बीएम उपाध्याय, युवा कवि गणपति सिंह, शैलेेन्द्र तिवारी, दिवाकर उपााध्या, चन्द्रगुुुप्त तिवारी आदि लगातार आन लाइन उपस्थित होकर हौसलाअफजाई करते रहे।

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