छपरा।चोरी की पांच बाइक के साथ छः अपराधियों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया । गिरफ्तार अपराधी छपरा शहर से बाइक की चोरी करने के बाद उत्तर प्रदेश में ले जाकर बेचते थे । इस आशय की जानकारी पुलिस अधीक्षक हरकिशोर राय ने सोमवार को अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी । उन्होंने बताया कि नगर थाना की पुलिस ने चोरी की बाइक के साथ अपराधियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण कामयाबी हासिल की है ।

उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में छपरा शहर में बाइक चोरी की घटना काफी बढ़ गयी थी । इसके मद्देनजर नगर थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक जयप्रकाश पंडित के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था । गठिया टीम ने शहर के श्रीनंदन पथ पर स्थित एक नर्सिंग होम के पास से चोरी की दो बाइक के साथ दो अपराधियों को गिरफ्तार किया । गिरफ्तार दोनों अपराधियों की निशानदेही पर चार अन्य अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और तीन और बाइक बरामद किया गया । पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों ने शहर में हुई चोरी की दो दर्जन से अधिक मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार किया है । उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों में एकमा थाना क्षेत्र के नौतन गांव निवासी रंजीत सिंह उर्फ मुन्ना कुमार सिंह, रोहित कुमार सिंह, शक्ति शरण उपाध्याय उर्फ मनु उपाध्याय, मुकेश कुमार साह तथा दाऊदपुर थाना क्षेत्र के शीतलपुर गांव निवासी दीपक कुमार साह और शंकर कुमार साह शामिल हैं । उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों के पास से छः मोबाइल तथा मास्टर चाभी, चाभी के गुच्छा आदि बरामद किया गया है । उन्होंने बताया कि छापेमारी दल में नगर थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक जयप्रकाश पंडित, पुअनि मुमताज आलम, ददन सिंह, धर्मेन्द्र कुमार, बबन कुमार, चकरध्वज पासवान आदि शामिल थे । इस मामले में सभी अपराधियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी है और जेल भेजा जा रहा है ।

चलेगा स्पीडी ट्रायल

गिरफ्तार अपराधियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल भी कराया जायेगा । इसके लिए आवश्यक निर्देश दिया गया है । चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार किया गया है और बरामद सभी बाइक की पहचान कर लिया गया है। इस गिरोह के सरगना शक्ति शरण उपाध्याय उर्फ मनु उपाध्याय है और शेष अन्य बाइक चुराकर उसे देते थे और वह उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बैरिया थाना क्षेत्र में ले जाकर बेचता था ।

थाना में लगेगा बाइक चोरों का एलबम

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सभी थानाध्यक्षों को बाइक चोरी में पकङे गये अपराधियों का एलबम बनाने का निर्देश दिया गया है । उन्होंने बताया कि जितने भी अपराधी पकङे गये हैं और जेल भेजे गये हैं, उनका फोटो तथा आपराधिक इतिहास के विवरण के साथ थाना में लगाया जायेगा जिससे क्षेत्र के लोग अपराधियों को पहचान सकेंगे। इससे अपराध नियंत्रण में सहुलियत होगी और कहीं भी घटना होने पर आम लोग भी सक्रिय अपराधियों को पहचान सकेंगे । उन्होंने बताया कि शीघ्र ही थाना में अपराधियों की फोटो व अपराध विवरणी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जायेगा ।

नये युवकों को अपराध के दल दल में ढकेल रहे हैं पुराने अपराधी

जिले में लगातार बाइक चोरी के मामले में नये-नये युवा अपराधी पकङे जा रहे हैं। इसके पीछे पुराने हिस्ट्रीशीटर अपराधियों का बङा हाथ है । पुराने अपराधी इन दिनों गैंगस्टर बन गये हैं और नये नये युवकों को बाइक चोरी के लिए अपने गिरोह में जोङ रहे हैं। इस वर्ष करीब एक सौ चोर गिरफ्तार किये गये हैं जिसमें 90 वैसे अपराधी है जो पहली बार पुलिस की गिरफ्त में आये हैं और उनकी उम्र 20 – 25 है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बाइक चोरी करने वाले गिरोह में नये अपराधियों के शामिल होने के कई कारण है। पहली बात यह है कि बाइक की चोरी करना आसान है और चोरी की बाइक गिरोह का सरगना तुरंत लेकर नकद भुगतान कर देता है । बाइक की चोरी आसान इसलिए है कि बाइक की पुख्ता लाॅक का प्रयोग नहीं किया जा रहा है । चाभी हेर – फेर कर अपराधी खोल लेते हैं और मास्टर चाभी का भी प्रयोग किया जाता है । नयी पीढ़ी के युवा आधुनिकता के कारण फिजुलखर्ची के शिकार हो रहे हैं और जरूरत पूरी करने के लिए अपराध की ओर बढ़ रहे हैं । यह काफी चिंता जनक स्थिति है । पुलिस अधीक्षक का कहना है कि अभिभावकों को अपने बच्चों की गतिविधियों पर कङी निगरानी रखने की जरूरत है ।

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