नमामि गंगे की 32 क्लस्टर को बनाया जाएगा फार्मर कंपनी

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– नाबार्ड करेगा आर्थिक सहायता, जैविक खेती को मिलेगा प्रोत्साहन

@संजीवनी रिपोर्टर
छपरा: नमामि गंगे योजना के तहत बनाए गए 32 कलस्टर को जिले के फार्मर कंपनी के रूप में विकसित किया जायेगा। उक्त बातें जिला कृषि पदाधिकारी डॉ के के वर्मा ने नाबार्ड की ओर से आयोजित कृषि उत्पादन संगठनों की एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि इस क्लस्टर में शामिल सभी किसानों को कृषक उत्पादक संगठन से जोड़ा जाएगा और कंपनी एक्ट के तहत कंपनी का गठन किया जायेगा। और इससे जुड़े किसान अपनी उत्पादित वस्तुओं को ऑनलाइन दुनिया के किसी भी देश में सीधे बेच सकेंगे।

 

उन्होंने कहा कि नमामि गंगे योजना के तहत जैविक खेती शुरू कराई गई है और जैविक खेती करने वाले किसानों की कृषक उत्पादक संगठन बनाए जाने की योजना है। इस योजना को अमलीजामा पहनाने का काम नाबार्ड के द्वारा किया जायेगा। कृषक उत्पादक संगठनों के रजिस्ट्रेशन पर होने वाले खर्च नाबार्ड के द्वारा की जाएगी। साथ ही इन संगठनों को नाबार्ड के द्वारा वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे जिले में जैविक खेती के माहौल को व्यापक स्वरूप दिया जा सकेगा। जैविक विधि से उत्पादित वस्तुओं को किसानों के द्वारा ऑनलाइन दुनिया के किसी भी देश में बेचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पहले से भी जिले में फार्मर कंपनियों का गठन किया गया है,

 

जिनके द्वारा उत्पादित जैविक उत्पादों को विश्व के किसी भी देश में ऑनलाइन बेचने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इससे किसान अपनी आय में वृद्धि करेंगे तथा उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

 

इस मौके पर नाबार्ड के उप महाप्रबंधक ने फार्मर कंपनी के गठन और महत्व पर विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला को आत्मा के परियोजना निदेशक भूषण प्रसाद, उद्यान सहायक राजू रावत, एलडीएम बी प्रसाद तथा नाबार्ड के डीडीएम अनीश श्रीवास्तव आदि ने अपने-अपने विचार रखे।

 

Ranjit Kumar

Ranjit Kumar

Digital Media Reporter

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