– 45 में से 23 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में किया मतदान

@संजीवनी रिपोर्टर
छपरा : नगर निगम के मेयर प्रिया सिंह के खिलाफ मंगलवार को पेश अविश्वास प्रस्ताव बहुमत के साथ पारित हो गया। 45 में से 23 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के साथ ही मेयर के समर्थकों में मायूसी छा गई। जबकि मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सदस्यों में खुशी की लहर दौड़ गयी। बताते चलें कि मेयर बनने के बाद यह दूसरी बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इसके पहले पेश अविश्वास प्रस्ताव में वह अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रही थी।

जबकि दूसरी बार सदस्यों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान कर उन्हें पद से अपदस्थ कर दिया । निवर्तमान मेयर प्रिया सिंह के खिलाफ सदस्यों ने वित्तीय अनियमितता बरतने, योजनाओं के चयन में भेदभाव बरतने तथा नगर निगम क्षेत्र के विकास में अभिरुचि नहीं लेने का आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर सुनीता देवी ने कहा कि यह छपरा के विकास की लड़ाई है और इस लड़ाई में यह पहली जीत है । उन्होंने कहा कि वार्ड पार्षदों के साथ भेदभाव बरतने तथा विकास कार्यों में अनियमितता बरतने, मनमाने ढंग से काम करने, विकास कार्यों में अभिरुचि नहीं लेने, वित्तीय अनियमितता बरतने के परिणाम स्वरूप प्रिया देवी को पद गंवानी पड़ी है। इस मौके पर सुनीता देवी के गुटके सभी वार्ड पार्षद मौजूद थे।

बताते चलें कि वर्तमान समय में छपरा शहर की नारकीय स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण आम नागरिकों में भी काफी आक्रोश है। सफाई के नाम पर सरकारी राशि की लूट खसोट तथा बंदरबांट लंबे समय से की जा रही है। सफाई का कार्य कराने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी को मनमाने ढंग से दुगुनी राशि भुगतान करने पर पटना हाईकोर्ट ने भी सवाल खड़ा किया था। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के साथ ही इसको चल रही राजनीतिक सरगर्मी पर विराम लग गया है ।

वहीं दूसरी ओर नए सिरे से मेयर के चुनाव को लेकर राजनीतिक उठापटक शुरू हो गई है।

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