छपरा : लॉक डाउन की अवधि में आर्थिक तंगी और भूखमरी के शिकार हुए हड़ताली शिक्षकों को सरकार 20- 20 लाख रुपए मुआवजा का भुगतान अविलंब करें । उक्त बातें राजद के पूर्व प्रदेश महासचिव तथा सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ अशोक कुमार यादव ने वही। जिले के जनता बाजार के शिक्षक स्वर्गीय श्रीकांत यादव के श्राद्ध कर्म में शामिल होने के उपरांत उन्होंने कहा कि शिक्षक स्वर्गीय यादव की असामायिक मृत्यु आर्थिक तंगी के कारण हो गयी। यह अकेले श्रीकांत यादव इसके शिकार नहीं हुए हैं, बल्कि बिहार में करीब छह दर्जन शिक्षक राज्य सरकार की शिक्षा विरोधी तथा शिक्षक विरोधी गलत नीतियों के कारण असमय कालकलित हो गये। अपनी जायज मांगों को लेकर हड़ताल करने वाले शिक्षकों को राज्य सरकार के द्वारा प्रताड़ित किया गया और हड़ताल समाप्त कराने के लिए दमनकारी कार्रवाई की गयी, जिसके कारण शिक्षक मौत के शिकार हो गए। इसके लिए राज्य सरकार पूरी तरह दोषी है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के दौर में शिक्षकों के द्वारा क्वॉरेंटाइन सेंटर पर अपनी जान जोखिम में डालकर काम किया जा रहा है , परंतु उनके बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है। सरकार द्वारा इस कार्य में लगाए गए स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को 50 लाख रूपये का बीमा कराया गया है, परंतु शिक्षकों को इससे वंचित किया गया है। उन्होंने लॉक डाउन के बाद शिक्षक संघ से वार्ता करने के सरकार के निर्णय की आलोचना करते हुए कहा कि कई बुनियादी मांगे हैं, जिन्हें सरकार तत्काल पूरी कर सकती है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को ग्रुप बीमा, इपीएफ का लाभ देने और स्थानांतरण करने एवं मानदेय भुगतान के लिए वित्तीय अधिकार स्थानीय प्राधिकार से हटाकर जिला स्तर पर प्रशासनिक पदाधिकारियों को देने का आदेश दे सकती है। इस मौके पर शिक्षक मुन्ना यादव, जिला राजद के पूर्व प्रवक्ता डॉ राजेश रंजन, शिक्षक प्रवीण यादव आदि मौजूद थे।

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