क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई बना कुप्रबंधन के शिकार, भगवान भरोसे चल रहा है

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CHHAPRA DESK: स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई कुप्रबंधन का शिकार हो गया है और सारण प्रमंडल में स्वास्थ्य सेवाओं की मानिटरिंग तथा जांच का कार्य भगवान भरोसे चल रहा है। क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के सभी छः पद काफी दिनों से रिक्त पड़ा हुआ है । इतना ही नहीं क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई कार्यालय का डाटा सेंटर बंद कर दिया गया है। संसाधनों, कर्मचारियों व अधिकारियों की कमी से जुझ रहे स्वास्थ्य सेवा के प्रमंडलीय कार्यालयों की हालत यह है कि अधिकारियों के पद का प्रभार कार्यालय सहायकों को सौंप दिया गया है ।

बिना पदाधिकारी के चल रहा है कार्यालय

सारण प्रमंडलीय क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई का कार्यालय में एक भी पदाधिकारी नहीं है । सभी पद एक वर्ष से अधिक समय से रिक्त पड़ा हुआ है । इस मामले में पहले से ही दर्जनों बार राज्य स्वास्थ्य समिति को विभागीय अधिकारियों ने पत्र लिखा है और रिक्त पदों पर पदाधिकारियों को पदस्थापित करने की मांग की लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गयी है । इस वजह से कार्यालय का कामकाज पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है और इस कार्यालय के कामकाज की कागजी खाना पूरी की जा रही है ।

यह पद है रिक्त

  • क्षेत्रीय लेखा प्रबंधक का पद फरवरी 2014 से खाली पड़ा है ।
  • क्षेत्रीय आशा कार्यक्रम समन्वयक का पद जुलाई 2013 से रिक्त पड़ा हुआ है ।
  • क्षेत्रीय कार्यक्रम अनुश्रवण एवं मूल्यांकन प्रबंधक का पद फरवरी 2014 से खाली पड़ा है ।
  • बायो मेडिकल इंजीनियर का पद दिसंबर 2015 से रिक्त पड़ा हुआ है ।
     
  • एच एम आइ एस सुपरवाइजर का पद सितंबर 2015 से खाली पड़ा है ।
  •  क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक का पद जून 2017 से खाली पड़ा है । 

 बंद हो गया डाटा सेंटर

क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के कार्यालय में चलने वाले डाटा सेंटर को बंद कर दिया गया । डाटा सेंटर में कार्यरत आधा दर्जन कंप्यूटर ऑपरेटरों को हटा दिया गया है और यहां से सभी कंप्यूटर सिस्टम को हटा दिया गया है । इस वजह से यह कार्यालय पूरी तरह बंदी के कगार पर है । एक मात्र कार्यालय सहायक है । वह भी कभी कभार कार्यालय में नजर आता है । वह आता है तो कार्यालय खुलता है नहीं तो हमेशा ताला लगा रहता है । डाटा सेंटर बंद होने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रमों-  योजनाओं की रिपोर्टिंग बंद हो चुकी है और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों – अधिकारियों की मनमानी बढ़ गयी है। 

इन कार्यों पर पड़ा है असर

स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करने व चिकित्सा कर्मचारियों के कौशल विकास का कार्य क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई की जिम्मेदारी है और इसकी मानिटरिंग भी करना है। इसके लिए लाखों रूपये की राशि का आंवटन भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से की जाती है । अधिकारियों के पद रिक्त रहने के कारण कार्यालय सहायक के द्वारा ही प्रशिक्षण के आयोजन के नाम पर कागजी खानापूर्ति की जा रही है और राशि का बंदरबांट किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार व गुणवत्तायुक्त बनाने की सरकार की योजना मजाक बन रह गयी है ।

10 माह से अपर निदेशक का पद रिक्त है 

क्षेत्रीय स्वास्थ्य अपर निदेशक का पद 10 माह से रिक्त पड़ा हुआ है । इस वजह से प्रमंडल स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की मानिटरिंग तथा जांच का कार्य ठप पड़ा हुआ है । क्षेत्रीय स्वास्थ्य अपर निदेशक का पद प्रभार में चल रहा है । सारण के सिविल सर्जन डा ललित मोहन प्रसाद को प्रभार दिया गया है । प्रभार लेने के बाद से प्रमंडलीय समीक्षा बैठक एक बार भी नहीं किया गया है और किसी भी अस्पताल का निरीक्षण प्रभारी क्षेत्रीय स्वास्थ्य अपर निदेशक के द्वारा नहीं किया गया है । आलम यह है कि प्रमंडलीय मुख्यालय के सदर अस्पताल में अल्ट्रा साउंड सेवा ठप हो गया है । सफाई व्यवस्था की स्थिति लचर बनी हुई है और यही हालत पूरे प्रमंडल के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, अनुमंडलीय अस्पतालों, रेफरल अस्पतालों की है । 

क्या कहते हैं अधिकारी

क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के कर्मचारियों पदाधिकारियों के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति को पत्र लिखा गया है । फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कार्य कराया जा रहा है ।

डा. ललित मोहन प्रसाद

सिविल सर्जन, सारण

Ganpat Aryan

Ganpat Aryan

Multimedia Journalist

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