कोरोना संकट: डा अनिल व डा संजू ने किया निःशुल्क उपचार

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@संजीवनी रिपोर्टर
छपरा : “डॉक्टर डे” पर आज हम वैसे चिकित्सक दंपत्ति से आपको परिचित करा रहे हैं, जिन्होंने न केवल कोरोना संकट काल में अपने नर्सिंग होम को खुला रखा, बल्कि लाक डाउन समाप्त होने के बाद सात दिनों तक निःशुल्क उपचार किया। आज 21वी सदी की यह पहली डाक्टर्स डे है,

जब वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का संक्रमण फैला हुआ है । अब अनलॉक वन शुरू हो गया है और प्रायः सभी सेवाएं बाहर हो चुकी है, लेकिन इसको लेकर जब लॉकडाउन लागू किया गया था। उस समय आपात कालीन चिकित्सा सेवा को छोड़कर सभी तरह के सेवाओं को बंद कर दिया गया था। बाद में सरकार के द्वारा निजी नर्सिंग होम खोलने की अनुमति दे दी गयी। फिर भी कोरोना वायरस भय के कारण शहर के अधिकांश चिकित्सक अपनी क्लीनिक तथा नर्सिंग होम बंद किए हुए थे। उस दौर में भी शहर के यह वैसे चिकित्सक दंपति हैं, जो अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों का इलाज करते रहे और क्लीनिक से खुला रखा । इसमें शहर के श्यामचौक से संजीवनी नर्सिंग होम एवं मेटरनिटी सेंटर के डॉ अनिल कुमार तथा डॉ संजू प्रसाद ने भी अपना योगदान किया।

लॉकडाउन के दौरान आपातकालीन ऑपरेशन तथा प्रसव कराने में इन दोनों चिकित्सक दंपतियों ने दिन-रात काम किया। सामान्य मरीजों का भी उपचार लॉकडाउन के दौरान किया गया। हालांकि सरकार के निर्देश के बावजूद सुरक्षा व बचाव के साधनों को लेकर आई एम ए तथा सरकार के बीच खींचतान होती रही। फिर भी जनहित में इन चिकित्सकों का योगदान काफी सराहनीय रहा। सात दिनों तक निःशुल्क इलाज मिसाल कायम की।

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