BPSM ने कार्यपालक सहायक के नियोजन की बदली पॉलिसी, वेटिंग लिस्ट वाले अभ्यर्थियों पर ग्रहण

इस समाचार को शेयर करें

छपरा।बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन यानी बीपीएसएम के माध्यम से जिले में कार्यपालक सहायक कि होने वाले बहाली पर ग्रहण लगने वाला है। बीपीएसएम ने शासी परिषद की बैठक कर बहाली की पॉलिसी ही बदल दिया है। इससे कार्यपालक सहायक के नियोजन के लिये जनवरी 2019 में बने पैनल के वेटिंग में बचे करीब 547 अभ्यर्थियों के अरमानों पर पानी फिर जाएगा। जानकारी के अनुसार गत आठ जुलाई को बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन के मुख्य सचिव सह शासी परिषद के अध्यक्ष के नेतृत्व में बैठक किया गया। जिसमें बीपीएसएम के अंतर्गत कार्यपालक सहायक के लिए सृजित पदों पर नियोजित एवं कार्यरत कार्यपालक सहायकों के अतिरिक्त अब नये रिक्तियों के विरूद्ध नियोजना बेल्ट्रॉन के माध्यम से किया जाएगा।

जिस जिले में कार्यपालक सहायक के सृजित पदों के विरूद्ध रिक्तियों होगी, उसके अनुरूप आदर्श आरक्षण रास्टर का अनुपालन करते हुए बेल्ट्रॉन से डाटा इंन्ट्री ऑपरेटरों की सेवा प्राप्त करने के लिए अधियाचना करेगा। बेल्ट्रॉन द्वारा मांग के अनुरूप डाटा इंट्री ऑपरेटरों की सेवा उपलब्ध करायी जाएगी। इसको लेकर बीपीएसएम के ज्ञापांक 1382 दिनांक 30 जुलाई 2019 को विशेष कार्य पदाधिकारी सतीश रंजन सिन्हा ने जिलाधिकारी एवं प्रमंडलीय आयुक्त को पत्र भेजा है। हालांकि सभी अभ्यर्थियों कि निगाहें जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन पर टीकी हुई है।

अभ्यर्थियों ने कहा- बेल्ट्रॉन के रसूक पर बीपीएसएम के शासी परिषद ने दिया है गलत निर्णय
कार्यपालक सहायक के नियोजन के लिये बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाईटी द्वारा नियम बदले जाने पर अभ्यर्थियों में काफी आक्रोश व्याप्त है। जिले में जनवरी माह में कार्यपालक सहायक के नियोजन के लिए बने पैनल के वेटिंग वाले अभ्यर्थियों ने नाम नहीं छपाने के शर्त पर दैनिक भास्कर को बताया कि बेल्ट्रॉन ने रसूक के बल पर बीपीएसएम के शासी परिषद की बैठक में कार्यपालक सहायक के नियोजन के विरूद्ध एवं अपने पक्ष में निर्णय प्राप्त किया है। इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। वहीं कई अभ्यर्थियों ने बताया कि शासी परिषद के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में वाद दायर किया जाएगा।

जनवरी 2019 में कार्यपालक सहायक के नियोजन के लिए 927 अभ्यर्थियों का बना था पैनल
जिले में कार्यपालक सहायक के बहाली को लेकर लिखित एवं टाईपिंग टेस्ट परीक्षा आयोजित कर करीब 927 अभ्यर्थियों को फाइनल पैनल तैयार किया गया था। जिसमें करीब 380 अभ्यर्थियों को 15 जनवरी 2019 को नियोजन किया गया। शेष करीब 547 अभ्यर्थी नियोजन के प्रतिक्षा में है। अब बीपीएसएम के शासी परिषद के निर्णय के बाद प्रतिक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों के अरमानों पर पानी फिरने का अनुमान लगाया जा रहा है।
बीपीएसएम से आईटी सहायक की नहीं होगी बहाली

बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाईटी के माध्यम से अब आईटी सहायक की बहाली नहीं होगी। इसको लेकर बीपीएसएम के शासी परिषद ने निर्णय दिया है। ऐसे में आईटी सहायक के पद पर बहाल होने के लिए अरमान लगाये अभ्यर्थियों पर पानी फिर गया है। हालांकि बीपीएसएम के माध्यम से केवल आईटी प्रबंधक सृजित पदों पर ही बहाली की जाएगी।

संघ ने कहा- निजीकरण को बढ़ावा देने व कार्यपालक सहायको कमजोर करने के लिए बीपीएसएम ने बदला पॉलिसी

कार्यपालक सहायक संघ के जिलाध्यक्ष निलेश कुमार ने बताया कि बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाईटी यानी बीपीएसएम के शासी परिषद का निर्णय हिटलरशाही व तालीबानी फैसला है। जो कार्यपालक सहायक के विरूद्ध है। कार्यपालक सहायक को कमजोर करने की नियत से ही यह नियम बनाया गया है। वहीं बेल्ट्रॉन के पक्ष में एकतरफा निर्णय देना निजीकरण को बढ़ावा देना है। इसका सरकारी कामकाज पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर बीपीएसएम ने निर्णय नहीं बदला तो रणनीति तैयार कर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। जिसकी पूर्ण जवाबदेही बीपीएसएम की होगी।

Ganpat Aryan

Ganpat Aryan

Multimedia Journalist

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!