रेलवे कार्यप्रणाली में गुणात्मक सुधार लाने में सभी स्तरों पर शत प्रतिशत सफल : डीआरएम

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26 में 20 ट्रेनें पहुंचीं बिफोर, चार का ससमय परिचालन

@संजीवनी रिपोर्टर
छपरा : पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन अपनी कार्यप्रणाली में गुणात्मक सुधार लाने के लिए विभिन्न स्तरों पर समेकित प्रयास कर रहा है, जिसके अपेक्षित परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। इस आशय की जानकारी डीआरएम विजय कुमार पंजियार ने सोमवार को दी। उन्होंने कहा कि समय पालन रेल प्रणाली की उत्कृष्टता का एक प्रमुख पैमाना एवं यात्री संतुष्टि का महत्वूपर्ण कारक है। समयपालन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हुये 12 जुलाई से पूर्वोत्तर रेलवे ने यात्री गाड़ियों के परिचालन में 100 प्रतिशत आदर्श लक्ष्य को प्राप्त करने में सफलता प्राप्त की। इसी प्रकार उद्योग एवं व्यापार जगत को रेल परिवहन की ओर आकर्षित करने की दिशा में माल गाड़ियों के संचलन गति में वृद्धि का प्रयास किया जा रहा है। माल गाड़ियों की 12 जुलाई को औसत संचलन गति लगभग 50 किमी. प्रति घंटा रही, जो स्वयं में एक उपलब्धि है। वाराणसी मंडल द्वारा संचालित की जा रही 26 ट्रेनों में से 20 ट्रेनें बिफोर टाइम पहुंची, 04 गाड़ियाँ राइट टाइम चलीं, जबकि 01 गाड़ी के संचलन समय को मेकअप किया गया। 01 गाड़ी पूर्वोत्तर रेलवे को देर से मिली फिर भी इसे अपने सिस्टम पर समय से चलाया गया। वाराणसी मंडल द्वारा संचालित प्रमुख गाड़ियों में 02559 -02560 मंडुवाडीह-नई दिल्ली-मंडुवाडीह शिवगंगा विशेष एक्सप्रेस, 02791 -02792 पटना-सिकन्दराबाद -पटना विशेष एक्सप्रेस तथा 02565 -02566 दरभंगा-नई दिल्ली-दरभंगा सप्तक्रांति एक्सप्रेस सम्मिलित हैं।
मालगाड़ियों की 12 जुलाई को औसत संचलन गति 50 किमी. प्रतिघंटा रही जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। मालगाड़ियों की गति में निरन्तर वृद्धि का क्रम जारी है। माह जून में मालगाड़ियों की औसत संचलन गति 35.5 किमी प्रति घंटा थी।

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