तक्षशिला व सीआरसी ने कराया “अवसाद- आत्महत्या की प्रवृत्ति” पर परिचर्चा

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तक्षशिला के मंच से हुआ “मित्रम प्राब्लम बैंक” एवं “मित्रम स्कूल आफ ब्रेन एंड बिहेवियर” का शुभारंभ

@संजीवनी रिपोर्टर
गोरखपुर: “मित्रम स्कुल आफ सोशल वर्क” (“तक्षशिला”) की ओर से आयोजित महाजनजागरण अभियान “बात शहर की” के सातवीं श्रृखंला में “अवसाद एवं आत्महत्या की प्रवृत्ति” विषयक परिचर्चा आयोजित हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीआरसी के डायरेक्ट रमेश कुमार पांडेय ने सीआरसी के विभिन्न क्रिया-कलापों की चर्चा की और मेंटल हेल्थ प्रोग्राम द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न क्रिया कलापों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हर चार में से एक व्यक्ति मानसिक रोग से ग्रस्त है। वह व्यक्ति जहां जाता है, वहां अपनी नाकारात्मक ऊर्जा से अन्य लोगों को भी प्रभावित करता है। ऐसे किसी भी तरह की दिव्यांगता के संदर्भ में आप राज्य स्तरीय संसाधन केंद्र सीआरसी गोरखपुर में संपर्क कर सकते हैं।

 

 

प्रथम सत्र में ही बीआरडी के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर तपस कुमार ने बताया कि हेल्थ के क्षेत्र में पूरी दुनिया में अन्य बीमारियों की अपेक्षा परसेंट का सिर्फ 2% ही खर्च होता है। तनाव की वजह से और भी कई तरह की बीमारियां उत्पन्न हो रही हैं, तनाव के कारण व्यक्ति में घबराहट, चिड़चिड़ापन, अकेलापन ,नींद ना आना, गलत निर्णय लेना आदि प्रकार की समस्या उत्पन्न हो जाती है । इससे बचाव के लिए व्यक्ति को सदैव सार्थक सोच रखनी चाहिए। वह हमेशा पॉजिटिव थिंकिंग के रास्ते पर रहे और डॉक्टर से सलाह ले, सार्थक समाचार, न्यूज़ चैनल ही देखें। जहां पाज़िटिव खबरों को महत्व दिया जाता है। इसके अलावा आप स्विमिंग करें, एक्सरसाइज करें और आपको जो सबसे अच्छा लगता हो उन्हीं कार्यों में अपना समय व्यतीत करें।

 

 

जिला अस्पताल से नेशनल हेल्थ प्रोग्राम के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अमित शाही ने बताया कि नेशनल हेल्थ प्रोग्राम उत्तर प्रदेश में 1982 से सुचारू रूप से कार्यरत है, जिसमें उत्तर प्रदेश के सभी जिले इससे जुड़े हुए हैं। गोरखपुर में यह कार्यक्रम 2017 से चल रहा है, गाइड लाइन के अनुसार अंतिम व्यक्ति तक इसे पहुंचाना हमारा कर्तव्य है। मानसिक अवसाद में हमारे शरीर में कुछ ऐसी ग्रंथियां होती हैं जो रासायनिक तत्वों में बदल जाती हैं ऐसे रासायनिक तत्वों की मात्रा बढ जाने के कारण मनुष्य मानसिक रोग का शिकार हो जाता है।

 

इसके जांच के लिए जिला अस्पताल में ,”मन कक्ष” बनाया गया है, जहां मरीजों की काउंसलिंग की जाती है। सोमवार से शनिवार तक कोई भी मरीज फोन कर 9336929266 इस नंबर से मेंटल हेल्थ से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त की जा सकती है जो निःशुल्क है और इससे संबंधित दवाएं भी बहुत सस्ती आती हैं।

 

 

गोरखपुर विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्षा डॉ सुषमा पांडेय ने बताया कि वैश्विक परिदृश्य में कोविड-19 के कारण आज व्यक्ति मानसिक रूप से काफी दुर्बल हो चुका है, जिसे काउंसलिंग की नितांत आवश्यकता है। इस तरह के रोगियों में अन्य सामान्य मनुष्य की अपेक्षा अलग-अलग प्रकार के लक्षण देखने को प्रतीत होते हैं, जो समय के साथ-साथ मनुष्य को अवसाद की ओर लेजा रहे हैं तथा आत्महत्या के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे समय में व्यक्तियों को अपने मन में दुर्बल भावनाओं को आने से रोकना चाहिए तथा परिवार को एक दूसरे के साथ सामंजस्य बना कर चलना चाहिए। किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए, इस तरह से कोई भी परेशान व्यक्ति अथवा मानसिक रूप से ग्रसित व्यक्ति किसी मनोचिकित्सक से परामर्श लेकर मानसिक अवसाद से बाहर निकल सकता है।

 

 

दूसरे सत्र में राजेश कुमार (सहायक प्राध्यापक मनोविज्ञान विभाग सी.आर.सी. गोरखपुर ने बताया कि सीआरसी जनवरी 2019 से “किरण हेल्पलाइन” के माध्यम से गोरखपुर में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है, जिसमें वर्तमान में “किरण” दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के द्वारा संचालित है, जो पूरे भारत वर्ष में 25 केंद्र उसके साथ संचालित है जिसमें 666 मनोवैज्ञानिकों ने सहयोग करने की बात कही है, जिस पर आप 24 घंटे सातों दिन कभी भी फोन कर संपर्क कर सकते हैं जिसका नंबर है 18005990019 जिसमें 13 क्षेत्रीय भाषाओं में जुड़कर कोई भी व्यक्ति अपनी बात रख सकता है। इसके साथ ही पूरे उत्तर प्रदेश में विभिन्न हॉस्पिटलों से लगभग 45 डॉक्टर हम से जुड़े हुए हैं जो समय समय पर 3-3 घंटे के अंतराल पर अपनी निशुल्क सेवा हमें प्रदान कर रहे हैं जिसमें प्रदेश स्तर पर अनेक बड़े मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल हमसे जुड़े हैं।

 

 

अल्पाइन फाउंडेशन की सचिव अमृता राव ने बताया कि “रागनी हेल्पलाइन” इसी तरह का कार्य वर्तमान समय में कर रही है, जो मानसिक तौर पर असंतुष्ट महिलाओं को उचित सलाह देकर उनकी काउंसलिंग कर रही है तथा उनके इलाज की मुफ्त व्यवस्था कर रही है।

तक्षशिला के सचिव दीप जी ने कार्यक्रम में सम्मिलित हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए एवं आगंतुकों का सहृदय धन्यवाद ज्ञापन किया। आयोजन कमेटी में मौजूद सभी साथियों का एवं संस्थानों का प्रोत्साहन बढ़ाते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह का सहयोग प्रदान करने के लिए प्रेरित किया।

 

 

उन्होंने बताया कि मित्र परिवार के द्वारा पिछले 10 सालों से निरंतर डिप्रेशन के खिलाफ एक जंग लड़ी जा रही है, जिसका हेल्प लाइन नंबर 9696305054 जो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत है जो विगत 10 वर्षों से मित्र परिवार द्वारा विभिन्न तरह की समस्याओं से ग्रसित लोगों को ना केवल काउंसलिंग करा रहा है, बल्कि उनकी समस्याओं में एक परिवार की भूमिका में खड़े होकर अपना सहयोग प्रदान कर रहा है। भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे हेल्पलाइन “किरण” के साथ मिलकर प्रोजेक्ट मित्रम “प्रॉब्लम बैंक” के सहयोग से ग्राउंड जीरो लेवल पर मौजूद डिप्रेशन से ग्रसित युवाओं एवं परिवार के लोगों को ढूंढ कर उनको मानसिक जांच एवं सहयोग प्रदान करने के लिए कटिबद्ध है ।

तक्षशिला ने अपने नए प्रकल्प “मित्रं स्कूल आफ ब्रेन एंड बिहेवियर” का भी शुभारंभ किया है, जिसमें समाज में मौजूद विभिन्न क्षेत्रों के पारंगत और अनुभवी लोगों के साथ मिलकर एक मनोवैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित कार्य करने वाली कमेटी का गठन किया गया है, जिसका कार्य है शहर में मौजूद डिप्रेशन के पेशेंट को ढूंढ़ कर उनके कारणों को जानना और यथासंभव समाधान करना।

 

 

इसके साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में आयोजक कमेटी के समाधान वेलफेयर फाउंडेशन के “मणि जी”, अल्पाइन फाउंडेशन की सचिव अमृता राव जी, सेवा फाउंडेशन के सचिव अमरनाथ जयसवाल जी, उत्कर्ष सेवा संस्थान की सचिव रश्मि मिश्रा जी, एवं रेक्स फाउंडेशन के सचिव श्री जे. के. श्रीवास्तव जी का भी कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने तक्षशिला की ओर से लोगों को यह भी संदेश दिया कि अगर कहीं पर भी किसी को भी किसी भी तरह की किसी प्रकार का डिप्रेशन हो अथवा अवसाद हो तो वह कभी भी तक्षशिला की टीम को 969630 5054 पर कॉल करके या व्हाट्सएप पर मैसेज देकर अपनी समस्या को बता सकते हैं। उसकी समस्या गुप्त रखी जाएंगी एवं उस पर आयोजन कमेटी के साथ मिलकर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। इस बात के लिए आयोजन कमेटी के सभी मेंबर्स ने अपनी सहमति प्रदान की है।
कार्यक्रम का सफल संचालन सीआरसी के राजेश यादव, नागेन्द्र जी और तक्षशिला परिवार से अमृता राव और अमरनाथ जायसवाल ने किया।

 

कार्यक्रम में सत्या पांडेय, टैक्सी एसोसिएशन के सचिव आशीष पांडेय और पवन कुमार जी का विशेष सहयोग रहा, इसके अलावा डॉ प्रियंका वर्मा, रागनी गुप्ता, अर्चना, गोविन्द यादव, पूजा कुमारी, आशीष, रमेश मिश्रा, दुर्गेश मित्र, संदीप, आकाश, स्मृति शाही, रश्मी मिश्रा, कविता राव, अनंत राजपूत, आरौ, आदि गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

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