बड़ी कार्रवाई: कृषि विभाग के 100 कर्मचारियों पदाधिकारियों के वेतन भुगतान पर रोक

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छपरा : कृषि विभाग के एक सौ कर्मचारियों तथा पदाधिकारियों के वेतन भुगतान पर सोमवार को रोक लगा दी गयी और तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण का जवाब देने का आदेश दिया गया। समीक्षा बैठक के उपरांत जिला कृषि पदाधिकारी जयराम पाल ने एक सौ वैसे कर्मचारियों और पदाधिकारियों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने तथा स्पष्टीकरण पूछे जाने का आदेश दिया, जिनके द्वारा कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत लक्ष्य पूरा नहीं किया गया है, जिसमें 70 किसान सलाहकार, 20 कृषि समन्वयक और 10 प्रखंड कृषि पदाधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत सभी प्रखंडों एवं पंचायतों के लिए लक्ष्य का निर्धारण कर दिया गया था, लेकिन 10 प्रखंडों के 70 वैसे पंचायत हैं, जहां लक्ष्य के विरुद्ध उपलब्धि शून्य है। इसके लिए किसान सलाहकार और उस पंचायत के संबंधित कृषि समन्वयक और संबंधित प्रखंडों के प्रखंड कृषि पदाधिकारी को जिम्मेवार माना गया है। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिन पंचायतों में 25 प्रतिशत से कम लक्ष्य प्राप्त हुआ है । उन सभी पंचायतों के किसान सलाहकार कृषि समन्वयक और प्रखंड कृषि पदाधिकारी से स्पष्टीकरण पूछने का आदेश दिया गया है। साथ ही स्पष्टीकरण पर निर्णय होने तक वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई है। संतोषजनक जवाब नहीं देने वाले कर्मचारियों तथा पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को अनुशंसा किया जायेगा। उन्होंने बताया कि कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत सरकार की ओर से 5 करोड़ 99 लाख रूपये का आवंटन किया गया है, लेकिन अब तक 11 माह में मात्र एक करोड़ पचास लाख की राशि ही खर्च हो सकी है। प्रत्येक पंचायत के लिए एक लाख 80 हजार रुपये का का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे पूरा नहीं करने वाले कर्मचारियों पदाधिकारियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि 80 प्रकार के कृषि यंत्र किसानों को अनुदानित दर पर देने का प्रावधान है। इसके लिए किसानों से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करना है और जांच के बाद कृषि यांत्रीकरण मेले में उन्हें कृषि यंत्रों के लिए परमिट निर्गत करना है, परंतु इसी योजना का करीब 25 प्रतिशत ही लक्ष्य हासिल हो सका है।

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20 मार्च तक सभी योजनाओं की राशि का व्यय करें सुनिश्चित: निदेशक

छपरा: कृषि विभाग के निदेशक आदेश तितरमारे ने सोमवार को कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से योजनाओं की समीक्षा की और विभिन्न योजनाओं में आवंटित राशि का व्यय 20 मार्च तक सुनिश्चित करने का आदेश दिया। निदेशक ने कहा कि 20 मार्च तक राशि का व्यय नहीं होने पर लैप्स हो जाएगा और उन योजनाओं में राशि की निकासी के लिए अलग से आदेश और आवंटन प्राप्त करना होगा। इस दौरान संयुक्त निदेशक विजेंद्र चौधरी ने बताया कि सारण जिले में कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत पांच करोड़ 99 लाख में से एक करोड़ पचास की राशि खर्च की गई है । जबकि जैविक कॉरिडोर योजना में प्राप्त एक करोड़ 25 लाख, ब्रिंगिंग ग्रीन रेवोलुशन ईस्टर्न इंडिया, सूक्ष्म सिचाई योजना, फसल अवशेष प्रबंधन योजना, जैविक खेती, नमामि गंगे के लिए प्राप्त राशि खर्च नहीं हो सका है । इस मामले को निदेशक ने काफी गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से 20 मार्च तक योजनाओं की राशि को व्यय करने का सख्त निर्देश दिया। इस मौके पर जिला कृषि पदाधिकारी जय रामपाल, कृषि यांत्रीकरण प्रभारी दीपक कुमार सिंह, जैविक कॉरिडोर प्रभारी दीपक कुमार के अलावा सहायक निदेशक पौधा संरक्षण एवं आत्मा के परियोजना निदेशक मौजूद थे।

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