डाक्टर्स डे: ये है छपरा के 4 डॉक्टर, जो अपने पेशा के साथ-साथ समाज के उत्थान के लिए करते है कार्य

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छपरा।  एक जुलाई को डाक्टर्स डे है। आज हम सरकारी अस्पताल में पोस्टेड कुछ ऐसे डाक्टरों के बारे में बताने जा रहे है, जिन्होंने हर हड़ताल में भी सेवा की है। हड़ताल के समय अस्पतालों में गये हर मरीज की इलाज की फिर ड्यूटी पूरा करने के बाद हड़ताल के दौरान आयोजित धरना या प्रदर्शन में हिस्सा लिया। वहीं दो ऐसे डाक्टर जो सेवा भावना से अपने निजी क्लनिक पर गरीब तबके मरीजों की न केवल इलाज की बल्कि दवा भी खरीद कर दे दी। 


सर्जन डॉ. एमपी सिंह सदर अस्पताल में पोस्टेड है। वह जब से यहां पर तैनात है मरीजों की इलाज का अपना पहला धर्म समझा। आये दिन देश व्यापी या लोकल मामलों को लेकर हड़ताल के दौरान उन्होंने आये मरीजों की सेवा की फिर उसके बाद धरना या प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस आदत को सभी कोई सराहना करते है।


शहर के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीला सिंह सदर अस्पताल मंे पोस्टेड है। उन्होंने भी अस्पताल में हर हड़ताल के दौरान मरीजों की इलाज की। उसके बाद ही हड़ताल में शामिल हुई। अभी हाल में कलकता में हुए कांड के बाद डाक्टर दो दिनों तक हड़ताल पर चले गये थे। यहां पर मरीजों की भीड़ जुट गई थी। डॉ. नीला सिंह ने एक-एक कर मरीजों का इलाज की।

निजी क्लिनिकों पर ये ऐसे डाक्टर जिन्होंने गरीब मरीजों के लिए न केवल इलाज किया बल्कि दवा भी खरीद देते है

शहर में निजी प्रैक्टिस कर रहे डॉ. अनिल कुमार गरीब मरीजों की अपने यहां विशेष सुविधा रखे है। वे मुफ्त में न केवल इलाज करते है बल्कि उनके लिए दवा का भी प्रबंध करते है। यहां तक कि क्लिनिक पर गरीब मरीजों के कमरे में एसी आदी की सुविधा दी गई है। वस्त्र समेत अन्य सुविधा भी मुफ्त में दिये है। 


स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संजू प्रसाद निजी क्लिनिक में गरीब मरीजों के देखने के लिए पूर्जी सिस्टम अनिवार्य नहीं की है। जो गरीब निर्धन लोग है उनको प्राथमिकता देते हुए पहले इलाज किया जाता है और मुफ्त में इलाज के अलावें उनके लिए जरुरी दवाएं भी उपलब्ध कराई जाती है। यहां बता दें कि वह करीब दो सालों से एक कैंसर पीड़ित महिला क इलाज कर रही है।

Ganpat Aryan

Ganpat Aryan

Multimedia Journalist

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