सूबे के सभी जिलों में बंद हो जाएगा जनशिकायत कोषांग, संविदा पर बहाल रिटायर्ड कर्मियों की जाएगी नौकरी

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नागमणि प्रसाद।छपरा
सूबे में आम लोगों की समस्या, शिकायत व अकांक्षाओं को परदर्शी तरीके समाधान करने को लेकर सरकार ने जिला से लेकर प्रखंड स्तर पर जन शिकायत कोषांग का गठन किया था। जिसके माध्यम से आम लोगों के शिकायतों को दर्ज कर सक्षम पदाधिकारी से जांच कराकर समाधान किया जाता है। लेकिन अब जनशिकायत कोषांग का विघटन यानी समाप्त कर दिया जाएगा। विघटन के बाद आम लोगों की शिकायतों को अब जनशिकायत के माध्यम से सुनवाई नहीं किया जाएगा। जानकारी के अनुसार जनशिकायत कोषांग का विघटन करने को लेकर सरकार के प्रधान सचिव अमिर सुबाहानी ने राज्य के सभी जिलाधिकारी को पत्र भेजकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है। जिसमें सभी स्तर पर गठित जनशिकायत कोषांग को आगामी 31 जनवरी तक विघटन करने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव ने कहा है कि राज्य में वर्ष 2015 में लोक शिकायत निवारण अधिनियम लागू किया गया है। जिसकी आपार सफलता के बाद जनशिकायत कोषांग का कोई औचित्य नहीं है। ऐसे में जनशिकायत कोषांग का विघटन यानी समाप्त कर दिया जाएगा।
संविदा पर बहाल रिटायर्ड कर्मियों की सेवा होगी समाप्त
आम लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रयार्प्त संख्या में पदाधिकारी व कर्मियों को पदस्थापित किया गया था। वहीं सेवा निवृत यानी रिटायर्ड पदाधिकारियों व कर्मियों को संविधा के आधार पर भी बहाली की गई थी। ताकि आम लोगों की शिकायतों को आसानी से दूर किया जा सके। जनशिकायत के विघटन के बाद संविदा पर बहाल रिटायर्ड कर्मियों की सेवा समाप्त कर दिया जाएगा।
लंबित आवेदनों को लोक शिकायत अधिनियम में होगा हस्तांतरित
जनशिकायत कोषांग में आये सभी मामलों को यथाशीघ्र निबटारा किया जाएगा। विभाग के विघटन से पहले अगर कोई भी मामला लंबित होगा तो उसे लोक शिकायत अधिनिधम में हस्तांतरित कर सुनवाई किया जाएगा। जिससे जनशिकायत में आवेदन देने वाले लोगों को निर्धारित समयसीमा के अंदर न्याय मिल सके।
जनशिकायत का विघटन के निर्देश के बाद भी आम लोगों के आवेदनों को भी कोषांग में भेजा जा रहा है
सरकार के मुख्य सचिव ने जिले के जनशिकायत कोषांग का विघटन करने को लेकर गत 27 दिसंबर को ही राज्य के सभी जिलाधिकारी को पत्र भेजकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया था। लेकिन आश्चर्य की बात है कि जनशिकायत के विघटन के निर्देश के बाद भी जिलाधिकारी के पास शिकायत करने वाले आम लोगों के आवेदनों को जनशिकायत कोषांग में जांच के लिए भेज दिया जा रहा है। सूत्रो की माने तो सारण में गत एक जनवरी के बाद अभी तक चार दर्जन से अधिक मामले जनशिकायत में प्राप्त हुआ है। जिसमें करीब दो दर्जन मामले ऑनलाइन प्राप्त हुआ है। ऐसे में जनशिकायत के विघटन के बाद लंबित आवेदनों को लोक शिकायत अधिनियम में हस्तांतरित करने में समय भी लग सकता है। जिससे डीएम के पास आवेदन देकर शिकायत करने वाले लोगों को अब लोक शिकायत अधिनियम में वाद दर्ज कराना होगा तभी न्याय मिल सकता है।
अप्रैल 2006 में प्रमंडल, जिला, प्रखंड व थाना स्तर पर जनशिकायत कोषांग का किया गया था गठन
जिले में पारदर्शी तरीके से शासन व्यवस्था संचालित करने को लेकर सरकार ने गत अप्रैल 2006 में जनशिकायत कोषांग का गठन किया था। इसके बाद प्रमंडल, जिला, प्रखंड व थाना स्तर पर जनशिकायत कोषांग का गठन किया गया। जिसके तहत आम लोगों के शिकायतों का निबटारा किया जाता था।
जनशिकायत कोषांग में पदस्थापित कर्मियों को दूसरे विभागों में किया जाएगा प्रतिनियुक्त
जिले के जनशिकायत कोषांग के विघटन के बाद पदस्थापित स्थायी पदाधिकारी व कर्मियों को दूसरे विभागों में समायोजित कर दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार जिलास्तरीय जनशिकायत कोषांग में प्रधान लिपिक, लिपिक, कंप्युटर ऑपरेटर, आदेशपाल सहित अन्य कर्मियों को प्रतिनियुक्त किया गया है। जिन्हें आगामी 31 जनवरी से पहले दूसरे विभागों में समायोजित कर दिया जाएगा।
जनशिकायत में पदस्थापित कार्यपालक सहायको की बढ़ी मुश्किले
जिले के जनशिकायत कोषांग में करीब तीन कार्यपालक सहायको पदस्थापित किया गया है। जो जनशिकायत कोषांग में आए आवेदनों को संधारित करते है। कोषांग के विघटन के निर्देश के बाद कार्यपालक सहायको के मानदेय पर रोक लगा दिया गया है। जिससे सभी कार्यपालक सहायको की मुश्किले बढ़ गया है। हालांकि कि मुख्य सचिव के निर्देश में सभी कंप्युटर ऑपरेटरों को जिला स्तर के दूसरे विभागों में समायोजित करने का निर्देश दिया है। सूत्रों की माने तो विभागीय पदाधिकारी कार्यपालक सहायको के सेवा से संबंधित मार्गदर्शन मुख्य सचिव से मांगेंगे। इसके बाद ही इनके सेवा विस्तार हो सकेगा।
44 रिटायर्ड कर्मियों को संविदा पर बने हैं प्रशाखा पदाधिकारी, समाप्त होगी सेवा 
सूबे में जनशिकायत कोषांग में आये आवेदनो को निष्पादित करने के लिए संविदा पर रिटायर्ड कर्मियों को प्रशाखा पदाधिकारी के पद पर बहाल किया गया है। जिनकी संख्या करीब 44 है। जनशिकायत कोषांग के विघटन के बाद संविदा पर बहाल सभी प्रशाखा पदाधिकारियों की सेवा समाप्त कर दिया जाएगा। 
200  कंप्यूटर आॅपरेटरों को दूसरे कार्यालय में होगा समायोजन 
जनशिकायत कोषांग में आये मामलों को संधारित करने को लेकर सूबे में करीब 200 कंप्यूटर आॅपरेटरों की बहाली की गई थी। जिनमें अधिकतर बेल्ट्रान व जिला पैनल के कंप्यूटर आॅपरेटर व कार्यपालक सहायक है। जिन्हें आगामी 31 जनवरी तक दूसरे विभागों में समायोजित करने का निर्देश मुख्य सचिव ने दिया है।
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