ATM में चिपकी एक माचिस की तीली लगा सकती है लाखों का चूना, जानें क्या है सच!

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नेशनल डेस्क: दिल्ली के चिराग दिल्ली इलाके में पंजाब नेशनल बैंक के एक एटीएम से कई लोगों के साथ एक साथ ठगी होने का मामला सामने आया था. इसमें एक साथ कई लोगों के बैंक एकाउंट से इसी एटीएम से पैसे निकाल लिए गए थे. इसके लिए फ्रॉड्स ने पूरा एटीएम ही हैक कर लिया था. ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. इनसे आप थोड़ी सी सतर्कता बरत कर बच सकते है. जानिए कैसे करते हैं फ्रॉड एटीएम हैक और आप इससे कैसे बचें?साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट बताते हैं कि यह ठगी एक डिवाइस के जरिए की जाती है, जिसे स्कीमर कहा जाता है. वे बताते हैं कि इससे एटीएम के कार्ड की क्लोनिंग की जाती है. क्लोनिंग के लिए उन्हें एक ब्लैंक कार्ड की जरूरत होती है.

जानिए कैसे काम करता है यह प्रॉसेस –

क्या होता है स्कीमर?
स्कीमर एक डिवाइस होती है. इसे किसी ATM या पेमेंट मशीन से अटैच किया जा सकता है. इसे अटैच करने के बाद मशीन में जो डेबिट और क्रेडिट कार्ड स्वाइप किए जाते हैं, उनका डाटा कलेक्ट करती है.

ज्यादातर इसे कार्ड लगाने की जगह पर ही अटैच किया जाता है. जिसके जरिए ये यूजर्स का डाटा कलेक्ट करती रहती है और बाद में फ्रॉड्स इस जानकारी का प्रयोग ग्राहकों को ठगकर उनके अकाउंट से पैसा निकालने के लिए करते हैं.

कई बार यह पूरी डिवाइस न होकर केवल एक स्कीमिंग नंबर पैड होता है. जिसपर सारे नंबर छपते जाते हैं. जिसके जरिए कई सारे ग्राहकों के पासवर्ड को फ्रॉड्स कलेक्ट कर लेते हैं. ऐसे स्कीमिंग पैड को फ्रॉड्स बैंक की असली नंबर वाली प्लेट के नीचे लगा देते हैं.

वैसे तो ज्यादातर इनका निशाना डेबिट कार्ड यूज करने वाले कस्टमर होते हैं. इसके दौरान स्कीमिंग डिवाइस को ये लोग ATM में लगा देते हैं और पास ही लगा देते हैं एक कैमरा. इससे एक ओर आपके कार्ड की जानकारी स्कीमिंग डिवाइस में दर्ज होती रहती है और दूसरी ओर कैमरे में आपका पासवर्ड दर्ज हो जाता है.

स्कीमिंग डिवाइस में दर्ज आपके कार्ड की जानकारी से पहले तो ये आपके कार्ड का क्लोन तैयार करते हैं और उसके बाद उसे एटीएम में लगाकर और कैमरे में कैद या फिर पीछे खड़े होकर देखे गए पासवर्ड से एटीएम से पैसे निकाल लेते हैं.

कैसा दिखता है स्कीमर?
स्कीमर कई तरह का और अलग-अलग साइज का हो सकता है. हां लेकिन यह तय है कि उसे अलग से एटीएम में लगाया जाएगा. उसे एटीएम के अंदर नहीं लगाया जा सकता. ऐसे में कभी भी एटीएम अपने ओरिजिनल साइज में न दिखे या उसपर कुछ चिपका हुआ दिखे तो तुरंत सावधान हो जाएं और एटीएम से संबंधित अधिकारी को इसकी सूचना दें. ऐसी स्थिति में कभी भी उस एटीएम से पैसे न निकालें.

इन चीजों का हो सकता है इस्तेमाल
जानकारों के मुताबिक ATM से पैसे की लूट के लिए फ्रॉड माचिस की तीली, स्कीमर, थर्मो कैम, ग्लू स्टिक आदि का इस्तेमामल करते हैं. इसके अलावा वे आपके कंधे के पीछे से झांककर आपका पासवर्ड देख सकते हैं. वे स्लीक ट्रिक एट पाउच और स्लीक ट्रिक कैश डिस्पेंसर आदि तरीकों का इस्तेमाल भी इसके लिए करते हैं. स्कीमर का मतलब बैंक का कीपैड निकालकर अपना कीपैड लगा देना, जो फ्रॉड लोगों के लिए ग्राहकों के पासवर्ड सेव करता रहता है. इसलिए कभी भी एटीएम से पैसे निकालने जाएं तो पहले चेक करें कि कहीं उससे कोई डिवाइस तो नहीं अटैच हैं, या फिर कुछ ऐसा बदलाव तो एटीएम में नहीं हो गया है जो देखने में संदिग्ध लग रहा हो.

कैसे बचें ग्राहक
हालांकि इसका ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से कुछ लेना-देना नहीं है. उनका कहना है कि ग्राहकों को साइबर सिक्योरिटी के लिए ट्रेनिंग दी जानी चाहिए. साइबर एक्सपर्ट भी कहते हैं कि इसके लिए यूजर को बताया जाना चाहिए कि वह एटीएम यूज करते हुए अलर्ट रहे. ध्यान दे कि एटीएम में कोई डुप्लीकेट डिवाइस तो नहीं लगी है. साथ ही एटीएम की नंबर प्लेट थोड़ी उखड़ी हुई तो नहीं है. या एटीएम में ऊपर की ओर कोई कैमरा तो नहीं लगा है, जिसमें पासवर्ड रिकॉर्ड होने की संभावना हो.

Ganpat Aryan

Web Media Journalist

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