बिहार को 12.50 करोड़ का चुना लगाकर भाग गयी है BJP विधायक शोभारानी

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Bihar Desk: .12.50 करोड़ के फर्जीवाड़े में राजस्थान के धौलपुर की भाजपा विधायक शोभारानी कुशवाह के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट ने वारंट का आदेश जारी किया है। भाजपा विधायक गरिमा रियल एस्टेट एंड एलाइड लिमिटेड और गरिमा होम्स एंड फार्म हाउस लिमिटेड के निदेशक मंडल में पति व अन्य रिश्तेदारों के साथ हैं। विधायक की कंपनी ने 2010 से 2016 तक भागलपुर में रुपए दोगुना करने के नाम पर करीब 12.50 करोड़ रुपये वसूले थे। लेकिन जमा राशि वापस करने से पहले ही कारोबार बंद कर रातोरात कंपनी भागलपुर से भाग गई। घूरनपीर बाबा चौक के पास यामाहा शोरूम के ऊपर में इस कंपनी का ऑफिस था।

वादा : निवेशकों के रुपए पांच साल में दोगुना कर पेमेंट किया जाएगा।
धोखा :मेच्योरिटी होने पर कंपनी ने जो चेक दिया वह बाउंस हो गया।
फरेब : जनवरी 2015 में दफ्तर बंद कर कंपनी करोड़ों लेकर भाग गई।

गरिमा रीयल एस्टेट एंड एलाइड लिमिटेड कंपनी पर भागलपुर के निवेशकों से रुपए दोगुना कर भागने का आरोप

मैनेजर ने 9 फरवरी 2016 को किया था नालिसी
निवेशकों के डूबे पैसे वापस लाने के लिए कंपनी के सीनियर फील्ड मैनेजर चंद्रानन झा ने 9 सितंबर 2016 को सीजेएम कोर्ट में नालिसी दायर किया था। नालिसी में विधायक के पति बनवारी लाल कुशवाह (उस समय धौलपुर से बसपा विधायक थे), उनके भाई शिवराम कुशवाह, बालकिशन कुशवाह, कन्हैयालाल कुशवाह, भीम कुशवाह, राजेंद्र राजपूत व लज्जाराम कुशवाह के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाया था।

राजस्थान सीएम की खास हैं शोभारानी कुशवाह

बनवारी लाल को धौलपुर की अदालत ने बहन के प्रेमी की हत्या मामले में दोषी पाते हुए सजा सुना दी और उनकी विधायकी चली गई थी। वे जेल चले गए। बनवारी के जेल जाने के बाद शोभारानी कुशवाह भाजपा के टिकट पर धौलपुर से उपचुनाव लड़ीं और जीत गईं। वह सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया की खास मानी जाती हैं।

अदालत ने केस चलाने का दिया था आदेश
19 अक्टूबर 2016 को चंद्रानन झा का बयान हुआ। फिर अन्य गवाहों के भी बयान दर्ज हुए। तमाम कानूनी प्रक्रिया के बाद 23 मार्च 2017 को एससीजेएम कोर्ट ने संज्ञान लिया था और आठ आरोपियाें क्रमश: शोभारानी कुशवाह, बनवारी लाल कुशवाह, शिवराम कुशवाह, बालकिशन कुशवाह, चाचा कन्हैयालाल कुशवाह, भीम कुशवाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने आठों आरोपियों पर प्रथम दृष्टया आरोपों को सत्य पाया।

कंपनी से हमलाेगों का लेनादेना नहीं

राजस्थान धौलपुर विधायक पीएम दिनेश प्रिय ने बताया कि मैडम का कंपनी से कोई लेनादेना नहीं है। हमलोग कंपनी को जानते तक नहीं हैं। इस नाम की कोई कंपनी है या नहीं, इसकी जानकारी भी नहीं है। भागलपुर कोर्ट से कोई समन अब तक नहीं मिला है।

15 जनवरी 2018 को आठों आरोपियों के खिलाफ जारी हुआ था समन
अदालत द्वारा तय तारीख पर जब आरोपी कोर्ट नहीं आए तब 15 जनवरी 2018 को तमाम आरोपियों के खिलाफ समन जारी किया गया। समन के बाद भी कोई आरोपी अब तक कोर्ट में आकर अपना पक्ष नहीं रखा न ही कोई कानूनी कार्रवाई की। अब कोर्ट ने तमाम आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी करने का आदेश दिया।

सेबी ने गरिमा रीयल एस्टेट को निवेशकों के रुपए लौटाने को कहा था
सेबी ने 5 मई 2016 को अनाधिकृत रूप से कलेक्टिव इनवेस्टमेंट स्कीम (सीआईएस) के तहत निवेशकों से वसूले गए पैसे को वापस करने के लिए गरिमा रीयल एस्टेट एंड एलाइड लिमिटेड कंपनी को आदेश दिया था। गरिमा ने करीब एक लाख निवेशकों के 55.22 करोड़ रुपये एडवांस के तौर पर प्लॉट बुकिंग व अन्य स्कीम के नाम पर वसूला था।

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