राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चिकित्सा कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण

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छपरा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले के आयुष चिकित्सकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन करते हुए सिविल सर्जन डॉ ललित मोहन प्रसाद कहा कि 6 वर्ष से 18 वर्ष तक के बच्चों में होने वाली बीमारियों की समय से पहले पहचान और उन्हें संबंधित चिकित्सा संस्थानों में उपचार के लिए पहुंचाना तथा संपूर्ण इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है। आयुष चिकित्सकों से उन्होंने अनुरोध किया कि क्षेत्र में जाने पर बीमार बच्चों की पहचान कर उन्हें इलाज के लिए संबंधित चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने और इलाज की सभी सुविधा उपलब्ध कराने में व्यक्तिगत अभिरुचि लेकर सहयोग करें । तभी यह कार्यक्रम सफल व सार्थक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि 5 दिनों के प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का सदुपयोग स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए करें। उन्होंने कहा कि बच्चे हमारे राष्ट्र के भविष्य हैं। जब वह स्वस्थ होंगे, तभी हमारा देश स्वस्थ होगा। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक रमेश चंद्र कुमार ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और चिकित्सकों को दिए गए प्रशिक्षण के बारे में चर्चा की। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ अमर कुमार सिंह बताया कि चिकित्सकों को मुख्य रूप से बच्चों में पाई जाने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी दी गयी है जिसमें जन्मजात विकृति, होंठ कटने, डाउन सिंड्रोम, अनुवांशिक बीमारियों, कंजाइनटल करंट्टेट, हार्ट डिजीज, विटामिन की कमी, कुपोषण, मिर्गी, मंदबुद्धि, डेंटल कैरीज, चर्म रोग, ओटाइटिस मीडिया, फंगल, संक्रमण आदि के बारे में जानकारी दी गई । इस मौके पर डा विकास कुमार सिंह ,डा गुंजन कुमार, डा अहमद अली, डा शशि प्रताप सिंह, डा नीरज तिवारी, डा एच के निराला, अफतार अहमद, डा सुरैय्या, डा ज्ञान मंजरी, डा प्रीति कुमारी आदि ने भाग लिया ।

Ganpat Aryan

Web Media Journalist

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