लोकनायक जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति का सपना आज भी है अधूरा

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छपरा । देश के महान समाजवादी चिंतक, स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी लोक नायक जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति का सपना आज भी अधूरा है और ग्राम स्वराज का जो सपना देखा था, वह आज भी पूरा नहीं हो सका है । जेपी ने सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक समानता के साथ जाति, धर्म विहीन समाज की परिकल्पना की थी और उन्होंने ग्राम स्वराज का सपना देखा था । उन्होंने जाति छोङो , जनेऊ तोङो, मानव को मानव से जोङो आंदोलन की शुरुआत अपने पैतृक गांव सिताब दियारा के क्रांति मैदान से आंदोलन का शंखनाद किया था । वह पूरा नहीं हो सका है । जेपी के नाम पर राजनीति करने वालों ने ही उनके सपनों को दरकिनार कर दिया है और सत्ता सुख भोगने के लिए जेपी के सपनों को तिलांजली दे दी है । धर्मवाद, संप्रदायवाद क्षेत्रवाद , भाषावाद की राजनीति आज देश में हावी है । आतंकवाद, नक्सलवाद तेजी से बढ़ रहा है। बाजारवाद और पूंजीवाद पूरे देश व समाज पर हावी है । लोकतांत्रिक्र संपदा जल, जंगल और जमीन पर पूंजीपतियों का कब्जा बढ़ रहा है । गांव में उत्पादन की क्षमता काफी तेजी से कम हो रही है और तेजी के साथ उपभोग की क्षमता बढ़ रही है । गांवों के शहरीकरण और शिक्षा के बाजारीकरण के कारण समाज में नैतिक मूल्यों में गिरावट आयी है और भ्रष्टाचार बढ़ रहा है । आज जो जितना गरीब है, वह और गरीब होते जा रहा है और जो जितना अमीर है, वह उतना ही अमीर होते जा रहा है । आज की इस स्थिति से जेपी के पैतृक गांव सिताब दियारा के लोग व जेपी आंदोलन से जुड़े सर्वोदयी, गांधीवादी, जेपीवादी नेता कार्यकर्ता काफी दुःखी हैं और आज देश में एक बार फिर से देश में संपूर्ण क्रांति की जरूरत मान रहे हैं । गांवों का देश और कृषि, पशुपालन व श्रम आधारित मिश्रित अर्थव्यवस्था वाले इस देश को विदेशी ताकतों के दबाव में दुनिया का खुला बाजार बना कर रख दिया गया है । रूपये का भाव दुनिया में गिर रहा है। उपभोग की वस्तुओं के लिए दुनिया के दूसरे देशों पर निर्भरता बढ़ रही है । देश की सरकारी उपक्रमों व उद्योग धंधों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है । सरकार पूंजीपतियों व विदेशी कंपनियों के हित में देश विरोधी, गरीब विरोधी, किसान- मजदूर विरोधी नीति कानून बना रही है । जनता की मूल समस्याओं से उसका भटकाने के लिए जातिवाद, धर्मवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद की राजनीति की आग में जनता को झोंक दिया गया है ।

Ganpat Aryan

Web Media Journalist

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