राजभवन ने JPU प्रशासन से तलब किया रिपोर्ट, कुलपति पर लगे आरोपों का माँगा जवाब

Spread the love

छपरा । राज्यपाल सह कुलाधिपति ने जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ शिकायत पर संज्ञान ले लिया है और इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन को कङा पत्र लिखकर जवाब तलब किया है । राज्यपाल के अपर सचिव ने जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलसचिव को पत्र भेजा है और कुलपति के खिलाफ लगाये गये आरोपों के बारे मे जवाब देने का निर्देश दिया है । अपर सचिव ने कहा है कि कुलपति के खिलाफ कार्यालय की मर्यादा भंग करने, विश्वविद्यालय में भय का माहौल पैदा करने, कर्मचारियों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप है ।

4 बार पहले भी मांग गया जवाब, जेपी विवि ने नही दिया

इस मामले में राजभवन में परिवाद दर्ज कर लिया गया है । इस मामले में राजभवन ने पत्रांक- 1413 दिनांक 23- 05- 2018 जवाब मांगा था । इस मामले में जयप्रकाश विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया । राजभवन सचिवालय ने पुनः पत्रांक- 1824 दिनांक 10 – 07 – 2018 को पत्र भेजा और जवाब मांगा लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने दुबारा भी जवाब नहीं दिया । पुनः तीसरी बार पत्रांक- 1882 दिनांक 18-07- 2018 को जवाब मांगा लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया । फिर चौथा पत्र राजभवन ने पत्रांक – 2117 दिनांक 09-08-2018 को भेजा लेकिन इसका भी कोई जवाब विश्वविद्यालय प्रशासन ने नहीं दिया । अब पांचवा पत्र राजभवन ने पत्रांक 2589 दिनांक 12- 10- 2018 को भेजा है ।

बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं कालेज कर्मचारी महासंघ के शिकायत पर लिया संज्ञान

राज्यपाल के अपर सचिव ने जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रशासन को भेजे गए पत्र में बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं कालेज कर्मचारी महासंघ के सचिव अभिषेक कुमार के द्वारा लगाये सभी आरोपों का जवाब मांगा है जिसमें कहा गया है कि जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया है।

VC पर लगा अमर्यादित भाषा बोलने का आरोप

दर्ज परिवाद में आरोप लगाया गया है कि कुलपति के द्वारा कार्यालय के मर्यादा को भंग किया जा रहा है और इनके अमर्यादित आचरण, कर्मचारियों – पदाधिकारियों के साथ गाली गलौज किया जा रहा है जिसके कारण विश्वविद्यालय के कई पदाधिकारी अपने पद से त्याग पत्र दे चुके हैं । तत्कालीन कुलसचिव प्रो सैयद रजा ने कुलपति के द्वारा अपमानित करने के कारण कुलाधिपति को अपना त्याग पत्र दे चुके हैं । आरोप है कि कुलाधिपति ने वित्तीय पदाधिकारी एवं वित्त परामर्शी को नियुक्त किया गया था, जो कुलपति के मनमाफिक काम नहीं करते थे जिसके कारण उन दोनों पदाधिकारियों पर गलत आरोप लगा दिया गया और अपने मनमाफिक वित्तीय पदाधिकारी एवं वित्त परामर्शी बहाल कर मनमाना काम किया जा रहा है । तत्कालीन वित्तीय पदाधिकारी शिवनंदन प्रसाद सिन्हा को कुलपति ने गाली गलौज किया गया और अपमानित किया गया जिसके कारण श्री सिन्हा ने अपने पद से त्याग पत्र दे दिया है और इसकी शिकायत कुलाधिपति सह राज्यपाल से किया है । इसके अलावा रंजन कुमार, अमित प्रकाश, संतोष कुमार सिंह, संजीव गिरि समेत एक दर्जन लिपिकों के साथ कुलपति ने गाली गलौज किया गया है और अपमानित किया जा चुका है । साथ ही इन्हें मारने पीटने की घटना को अंजाम दिया गया है। इसकी शिकायत लिपिकों ने कुलाधिपति सह राज्यपाल से की है ।

“हमको जानते नहीं हो दो मिनट में बर्बाद कर दूंगा “

कुलपति के द्वारा लिपिकों को धमकी दी जाती है कि “हमको जानते नहीं हो दो मिनट में बर्बाद कर दूंगा ” । अनुकंपा पर बहाल लिपिकों को कुलपति कहतें हैं कि तुम सब अपराधी हो और अपने बाप को मार कर नौकरी पा गये हो । कुलपति के द्वारा लिपिकों को चरित्रहीन एवं जालसाज की संज्ञा दी जाती है और तथ्यहीन आरोप लगा कर कर्मचारियों को जलील व प्रताङित किया जाता है । अब पांचवा पत्र राजभवन से आने के बाद भी कोई जवाब विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब तक नहीं दिया है । इधर महासंघ ने इस मामले में कुलपति के खिलाफ प्रधानमंत्री, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री, पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तथा मानवाधिकार आयोग से भी इसकी शिकायत की है ।

Ganpat Aryan

Web Media Journalist

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Facebook Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Close
error: Content is protected !!