प्रद्युम्न हत्याकांड: 11वीं क्लास के आरोपी स्टूडेंट को एडल्ट मानकर चलेगा केस, कोर्ट में 22 से होगी सुनवाई

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गुड़गांव.रेयान इंटरनेशनल स्कूल में स्टूडेंट प्रद्युम्न ठाकुर (7 साल) की हत्या के मामले में गिरफ्तार 11वीं क्लास के आरोपी स्टूडेंट को एडल्ट (बालिग) मानकर केस चलेगा। बुधवार को गुड़गांव के जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने केस की आगे सुनवाई के लिए इसे डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। सुनवाई 22 दिसंबर से शुरू होगी। सेशन कोर्ट में ट्रायल के दौरान अगर 16 साल का आरोपी दोषी साबित हुआ तो उसे बालिग के तौर पर ही सजा मिलेगी। बता दें कि 8 सितंबर को रेयान स्कूल में प्रद्युम्न की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।

सीबीआई ने आरोपी को बताया था आक्रामक

इस केस में 15 दिसंबर को जुवेनाइल बोर्ड में आरोपी को बालिग माना जाए या नहीं के मुद्दे पर बहस हुई थी। इसके बाद बोर्ड ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। तब सीबीआई ने आरोपी स्टूडेंट को आक्रामक और उत्तेजित बताया था।आरोपी स्टूडेंट के वकील ने उसकी जमानत के लिए पिटीशन फाइल की थी, जिसे बोर्ड ने खारिज कर दिया था। तब जुवेनाइल बोर्ड ने कहा था कि आरोपी किसी भी तरह से राहत का हकदार नहीं है।

प्रद्युम्न के पिता के वकील ने क्या कहा?

प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर के वकील सुशील टेकरीवाल ने कहा, ” ये केस अब जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में नहीं चलेगा। बोर्ड ने इसे डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट में ट्रांसफर करने का ऑर्डर दिया है। आरोपी को एडल्ट (बालिग) की तरह ट्रीट किया जाएगा। मतलब साफ है कि ट्रायल होने के बाद उसे 7, 10 या 14 साल तक की सजा हो सकती है।”आरोपी के साथ कोई भी नरमी नहीं दिखाई जाएगी। 22 तारीख को फिर से उसे पेश करने को कहा है। सामाजिक-मनोवैज्ञानिक रिपोर्ट को आधार बनाया गया है।”

क्या बोले प्रद्युम्न के पिता?

वरुण ठाकुर ने कहा कि जिस दिन ये घटना हुई थी, उसी दिन से पता था कि ये प्रॉसेस लंबी है। जो अपराधी प्रवृत्ति के लोग हैं, उनकी हिम्मत टूटनी चाहिए। केस को जुवेनाइल बोर्ड से हटाने की खुशी तो नहीं, संतुष्टि जरूर है।

सीबीआई ने लिए आरोपी स्टूडेंट के फिंगर प्रिंट

मर्डर केस की जांच कर रही सीबीआई ने कई अहम सबूत जुटा लिए हैं, इनके आधार पर जेजे बोर्ड ने केस सेशन कोर्ट में ट्रांसफर करने कर दिया। सीबीआई ने आरोपी को इसके लिए सिफारिश की थी। सबूत जुटाने की सिलसिले में मंगलवार को सीबीआई टीम फरीदाबाद की बोस्टन जेल पहुंची। यहां दोपहर 2 से 3 बजे तक फॉरेंसिक टीम ने आरोपी के फिंगर प्रिंट लिए। इस दौरान आरोपी स्टूडेंट के वकील भी मौजूद थे।

रेयान स्कूल में कब हुई थी प्रद्युम्न हत्या?

बता दें कि 8 सितंबर को रेयान स्कूल में 7 साल के प्रद्युम्न की गला रेतकर बेरहमी से हत्या हुई थी। हरियाणा पुलिस ने उसी दिन स्कूल बस के कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में मामला सीबीआई को सौंपा गया, जिसके बाद इस सनसनीखेज हत्याकांड में बड़ा मोड़ आया। सीबीआई ने जांच के बाद स्कूल के ही 11वीं के एक स्टूडेंट को गिरफ्तार किया। सीबीआई का दावा है कि आरोपी छात्र ने पीटीएम और परीक्षा को टालने के लिए इस मर्डर को अंजाम दिया था। सीबीआई जांच से हरियाणा पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हुए। आरोपी कंडक्टर को भी जमानत मिल चुकी है।

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