छपरा में 500 करोड़ रुपये की लागत से ढ़ाई लाख घरों को पाइपलाइन गैस कनेक्शन

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छपरा। दिल्ली, मुंबई, पुणे, हैदराबाद जैसे बड़े शहरों की तर्ज पर पर्यावरण के अनुकूल सारण में भी स्वच्छ ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अब सहमती मिल गई है। सारण में पाइपलाइन के माध्यम से घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जायेगी। केंद्र सरकार ने अपनी सहमती प्रदान कर दी है। इस बात की जानकारी देते हुए स्थानीय सांसद सह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी ने बताया कि मुजफ्फरपुर से सीधे जुड़ने वाली इस 500 करोड़ की लागत वाली परियोजना में 838 इंच किलोमीटर पाइपलाइन बिछाया जायेगा। इसके तहत व्यक्तिगत और व्यवसायिक परिवहन के साधनों में सीएनजी की आपूर्ति के लिए 40 से अधिक स्टेशनों की स्थापना भी की जानी है। इससे जहां ढ़ाई लाख घरों में सीधे पाइपलाइन के माध्यम से घरेलू गैस की आपूर्ति की जायेगी। वहीं आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ औद्योगिक उपभोक्ताओं को भी गैस की आपूर्ति होगी। विदित हो कि यह योजना दो वर्ष पूर्व शुरू की गई थी पर इसे मुजफ्फरपुर तक लाकर ही पूरा कर दिया गया। 8 मार्च को योजना की आधारशिला रखी जायेगी। इस संदर्भ में श्री रुडी ने कहा कि मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ने पर गैस की किल्लत बनी रहती है लेकिन अब पाइपलाइन के माध्यम से बहुसंख्य औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए भी यह आदर्श होगा। उन्होंने कहा कि अब गैस सिलींडर के लिए लाइन लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। छपरा को गैस पाइपलाइन का यह बड़ा तोहफा है। श्री रुडी ने कहा कि योजना से हर घर स्वच्छ ईंधन के साथ ही वाणिज्यिक और औद्योगिक रूप् से भी यह फायदेमंद होगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक गैस न केवल एक स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन है, बल्कि इसके उच्च आॅटो-इग्निशन तापमान, कम ज्वलनशीलता रेंज और हवा की तुलना में हल्का होने के कारण उपयोग करने लिए सुरक्षित और सुविधाजनक है।

दूसरी प्रोजेक्ट:
डीआरसीसी में आज सांसद करेंगे प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना का शुभारंभ
श्रम अधीक्षक रमेश कमल रत्नम ने बताया कि सरकार द्वारा शुरू की गई है, जिसके तहत असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले जैसे रेहड़ी, फड़ी, रिक्शा चलाने वाले, श्रमिक, कूड़ा बिनने वाले इस स्कीम का लाभ ले सकते हैं। लाभार्थी अपने नजदीकी नागरिक सुविधा केंद्र पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकता है। 60 वर्ष पूर्ण होने पर 3 हजार रुपए मासिक पेंशन का लाभ सरकार द्वारा दिया जाएगा। उक्त प्रकार के सभी असंगठित क्षेत्रों के मजदूरों से अपील है कि तुरंत अपना पंजीकरण किसी भी नागरिक सुविधा केंद्र में अपना आधार कार्ड, बैंक की काॅपी व मोबाइल फोन साथ ले जाकर उक्त योजना का लाभ उठाएं। 5 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश में एक साथ प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के तहत देश के असंगठित कामगारों के लिए पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। 

डीआरसीसी में सांसद करेंगे शुभांरभ
5 मार्च को जिला निवन्धन सह परामर्श केंद्र (DRCC ) में महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिह सिग्रीवाल प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्वाहन 10 बजे किया जायेगा। कार्यक्रम में इस योजना मे शामिल असंगठित क्षेत्र के उन श्रमिकों को निबन्धन कार्ड भी प्रदान किया जायेगा। 

क्या है योजना:
विदित हो कि संसद में बजट सत्र में बजट में इस महत्वपूर्ण योजना को शामिल किया गया है। योजना में शामिल होने के लिये मासिक आय 15000 रूपये से कम होना आवश्यक है। साथ ही साथ वैसे व्यक्ति की उम्र 18 वर्ष से अधिक और 40 वर्ष से कम होनी चाहिये। मासिक अंशदान उम्र के हिसाब से रखी गयी है। 18 वर्ष मे शामिल होने वाले के लिये यह राशि मात्र 55 रूपये होगी । इसी तरह 19 वर्ष से 40 वर्ष के उम्र के लोगों को अलग अलग राशि देना होगा । 40वर्ष के उम्र वाले के लिये यह राशि जो अधिकतम है वह 200 रू0होगी । योजना में शामिल व्यक्ति उम्र के हिसाब से जितना अंशदान करेगे उतनी ही राशि सरकार द्वारा भी दी जायेगी । 60साल की उम्र पूरी होने के बाद निबंधीत व्यक्ति 3000रू0मासिक पेंशन आजीवन प्राप्त करता रहेगा । योजना में शामिल व्यक्ति को यह अधिकार होगा कि कभी भी वह योजना से हट सकेगा और कुल राशि भी प्राप्त कर सकेगा ।

सांसद,विधायक समेत अन्य रहेंगे मौजूद
इस कार्यक्रम में सांसद, विधायक ,पार्षद , ट्रेड यूनियन के सदस्य , जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ साथ इच्छुक श्रमिक भी उपस्थित रहेंगे। भारत सरकार के श्रम मंत्रालय के निदेशक अजय सिंह को कार्यक्रम के लिए नोडल पदाधिकारी बनाया गया है।

Ganpat Aryan

Web Media Journalist

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