छपरा में दर्दनाक हादसा: अगलगी में एक ही परिवार के 4 लोग झुलसे, 3 की मौत

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छपरा। सारण जिले के बनियापुर में रामनाथ राम और उनके परिजनों को क्या पता था कि आज की रात उनके लिए आखिरी होगी। जब वे सभी खाना खाकर कमरे में सोने के लिए गये तो लाइट कट गई। रामनाथ राम की पत्नी कमरा में अंधेरा होने के कारण दीया जलाकर चौकी के ऊपर रख दी। उसके बाद सभी सो गये। आस-पास के लोगों ने बताया कि रामनाथ राम के यहां जनवितरण की दुकान है। वितरण के बाद बचे करोसीन तेल डब्बा में उसी कमरा में रखा हुआ था। दीया जलने के दौरान अचानक किसी के पैर से लग गया और नीचे पुआल पर गिर गया। जिससे आग पकड़ ली और पुआल पर चारो तरफ फैल गई। जिसकी चपेट में चारो आ गये। सभी ने बचाने के लिए गुहार लगाई। आग फैलकर डब्बा में रखा हुआ किरोसीन तेल में पकड़ लिया और तेजी से फैल गया। कमरा अंदर से बंद था। लोगों ने सुनकर दौड़ा आया दरवाजा तोड़ा। तब तक चारो मूर्छित हो गये थे और बुरी तरह से झुलस गये थे। लोगों ने आनन-फानन में चारो को सदर अस्पताल ले गया। वहां पर प्राथमिक उपचार के बाद पीएमसीएच के लिए रेफर कर दियाञ

एक के बाद एक कर तीनों ने दम तोड़ दिया
इसमें झुलसे तीनों की मौत कुछ ही देरी के अंतराल पर हुआ। रात में इलाज चला और सुबह में रामनाथ राम की मौत हो गई। उसके बाद उनकी पत्नी की मौत हो गई। कुछ ही देर बाद बुरी तरह से झुलसी उनकी बहु की भी मौत हो गई। 
पौत्र की भी हालत गंभीर
इस अगलगी में झुलसे 12 साल के पौत्र सूरज की भी हालत डाक्टर नाजुक बता रहे है। उसके शरीर के अधिकांश हिस्सा जल गया है। जिससे वह बेसुध पड़ा है।

घर पर लटका ताला
परिवार में चार सदस्यों के झुलसने के बाद घर में ताला लटक गया। रामनाथ राम के पुत्र और अन्य पड़ोसी भी साथ में लेकर पीएमसीएच गये थे। जिसके कारण पुलिस को भी घटना के संदर्भ में अधिक जानकारी नहीं मिल सकी। पुलिस ने पड़ोसियों से इसके बारे में जानकारी हासिल की है। हालांकि पीएमसीएच में पुलिस बयान दर्ज करेगी।

मुखिया ने अधिकारियों को दी सूचना
घटना की सूचना पर स्थानीय मुखिया राजीव राम ने अधिकारियों को खबर किया। जहां अंचलाधिकारी स्वामीनाथ राम, थानाध्यक्ष सुजीत कुमार ने घटना में आहत परिजनों को सांत्वना दिया।

परिजनों को मिलेगा चार-चार लाख का मुआवजा
जानकारी के अनुसार नेचुरल अगलगी की घटना में मरने पर मृतक के परिजनों को चार लाख की मुआवजा देने का प्रावधान है। ऐसे में तीन मृतक के परिजनों को चार-चार लाख की हिसाब से मुआवजा की राशि मिलेगी। इसके लिए आपदा विभाग पहले एफआईआर को देखेगी और फिर प्रोसेस के तहत मुआवजा का भुगतान किया जायेगा।

Ganpat Aryan

Web Media Journalist

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