हमारा लक्ष्य है कि सब्जी उत्पादन में बिहार का पहला स्थान हो: CM नीतीश

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Patna Desk: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में आज जैविक सब्जी उत्पादन के लिए भारत में पहली बार कृषि इनपुट अग्रिम अनुदान वितरण समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत उदघाटन किया। आयोजित समारोह में कृषि उत्पादन आयुक्त सुनील कुमार सिंह ने पुष्प-गुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। कृषि विभाग के प्रधान सचिव  सुधीर कुमार सिंह ने जैविक सब्जी उत्पादन के लिए कृषि इनपुट अग्रिम अनुदान से संबंधित प्रेजेंटेशन मुख्यमंत्री के समक्ष दिया।

सीधे किसानों के खाते में जायेगी कृषि इनपुट अनुदान
मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर अग्रिम अनुदान संबंधी सॉफ्टवेयर की शुरुआत की, इसके साथ ही बिहार के चार जिले के किसानों को पहली बार कृषि इनपुट अग्रिम अनुदान की राशि राज्य सरकार के माध्यम से सीधे उनके खाते में भेजी गयी। सॉफ्टवेयर शुरू होने के बाद इसका लाइव डेमोनेस्ट्रेशन भी मुख्यमंत्री के समक्ष किया गया। अग्रिम अनुदान योजना से रजिस्टर्ड जो किसान थे, उन्होंने अपना मोबाइल फोन का ओ0टी0पी0 मुख्यमंत्री को दिखाया, जिसमें अग्रिम अनुदान योजना की राशि 6,000 रुपये खाते में भुगतान होने से संबंधित सूचना थी। उल्लेखनीय है कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर देश में पहली बार बिहार के चार जिले समस्तीपुर, नालंदा, पटना और वैशाली के 20,173 किसानों को जैविक सब्जी उत्पादन के लिए कृषि इनपुट अग्रिम अनुदान के जरिये उनके खाते में 6,000 रुपये राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया है। शुरूआती दौर में कृषि इनपुट अनुदान का लाभ बिहार के चार जिलों के नदी के दोनों किनारे के किसानों को अधिकतम 30 डिसमिल भूमि के लिए 6000 रुपये मुहैया कराया गया है। गया की शेरघाटी में बिहार राज्य बीज निगम की 16 करोड़ 97 लाख रूपये की लागत से नवनिर्मित भवनों का उद्घाटन एवं 61 करोड़ 2 लाख रूपये की परियोजनाओं का शिलान्यास मुख्यमंत्री ने शिलापट्ट का अनावरण कर किया।

उन्होंने कहा कि तीसरे कृषि रोड मैप की योजना के अनुरूप बहुत तेजी से काम प्रारम्भ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कृषि के विकास के लिए हमारी धारणा रही है, जिसको देखते हुए हमने वर्ष 2008-12 में बिहार में पहला कृषि रोड मैप बनाया। 2005 से जब हमने बिहार की बागडोर संभाली, तभी से निरंतर हर क्षेत्र में विकास का काम हमने प्रारंभ किया। केंद्र में कृषि मंत्री रहते हमने कृषि के लिए पाॅलिसी भी बनाई। उन्होंने कहा कि हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, नीली क्रांति की बात तो सभी करते रहे हैं, हमने कृषि के विकास के लिए इन्द्रधनुषी क्रांति और सप्त क्रांति की बात कही और इस दिशा में काम भी शुरू किया। उन्होंने कहा कि बिहार की 89 प्रतिशत आबादी गाॅवों में रहती है और 76 प्रतिशत लोग आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं इसलिए कृषि का विकास आवश्यक है, जिसको देखते हुए हमने पहला कृषि रोड मैप बनाया। उन्होंने कहा कि डाॅ0 मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रित्व काल में एक बैठक रखी गयी, जिसमें मौजूद एक विशेषज्ञ ने मेरी तरफ देखते हुए कहा कि बिहार में सबसे कम उत्पादकता है। मैंने उस बैठक में ही कहा था कि भले आज बिहार में उत्पादकता कम है लेकिन जल्द ही उत्पादकता बढ़ेगी।
प्रथम कृषि रोड मैप के बाद बिहार में बीज प्रतिस्थापन बढ़ा, यांत्रिकीकरण, वर्मी कम्पोस्ट पर भी काम प्रारम्भ हुआ। परिणाम यह हुआ कि धान के मामले में चीन के अंतर्राष्ट्रीय रिकॉर्ड तथा गेहूं के मामले में राष्ट्रीय रिकॉर्ड को बिहार ने तोड़ डाला। मक्का उत्पादन में भी बिहार काफी आगे बढ़ा, इसके बाद बिहार में वर्ष 2012-17 के लिए दूसरा कृषि रोड मैप बनाकर कृषि विभाग से संबंधित सभी 18 विभागों को इसमें समाहित किया गया, इसमें भूमि सुधार को भी शामिल किया गया क्योकि 100 साल पहले बिहार में भूमि सर्वे का काम हुआ था, जिससे यहाँ भूमि विवाद के मामले सर्वाधिक हैं। दूसरे कृषि रोड मैप में भूमि का सर्वे-सेटलमेंट करने का निष्चय किया गया और इस काम को तेजी से सम्पन्न कराने के लिए एरियल सर्वे को चुना गया, जिसकी अनुमति लेने में तीन साल का समय लग गया। अब इस दिशा में काम शुरू हो गया है। सर्वे-सेटलमेंट का काम जब पूरा हो जाएगा तो किसानों का खेत एक जगह होगा और खेतों का आकार बढ़ेगा। दूसरे कृषि रोड मैप में सिंचाई के लिए अलग कृषि फीडर लगाने, दसवीं और प्लस टू क्लास में कृषि की पढ़ाई की व्यवस्था कराने का उल्लेख किया गया। कृषि यांत्रिकीकरण पर भी जोर दिया गया ताकि पूर्ण यांत्रिकीकरण किया जा सके। उन्होंने कहा कि हमारे यहाँ पैदा होने वाली लीची और आम की तुलना कोई नहीं कर सकता।

सब्जी उत्पादन में बिहार तीसरे स्थान पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सब्जी उत्पादन में बिहार तीसरे स्थान पर है और सब्जी के क्षेत्र में बिहार में काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा जल्द ही बिहार सब्जी उत्पादन के मामले में दूसरे स्थान पर पहुंचेगा और हमारा लक्ष्य है सब्जी उत्पादन में बिहार पहले स्थान पर पहुँचे।

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