सारण जिला परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, राजनीतिक सरगर्मी तेज

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छपरा डेस्क। त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रमुखों के खिलाफ इन दिनों अविश्वास प्रस्ताव का दौड़ चल रहा है। जिले के अलग-अलग नगर पंचायत व पंचायत समिति के प्रमुखों के खिलाफ पहले से ही अविश्वास प्रस्ताव असंतुष्ट सदस्यों ने दिया है। इसी कड़ी में जिले में पंचायती राज का सिरमौर संस्था जिला परिषद के अध्यक्ष मीणा अरूण के खिलाफ भी सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया है। पंद्रह जिला पार्षदों ने डीडीसी सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र लिखकर जिला परिषद की विशेष बैठक बुलाने की मांग की है। जिसमें अध्यक्ष विश्वास का मत हासिल करें। पार्षदों का दावा है कि अध्यक्ष अल्पमत में आ चुकी हैं।

सदस्यों ने आरोप लगाया है कि जिला परिषद अध्यक्ष मीण अरूण पर पद का दुरुपयोग कर रही है और अध्यक्ष के रूप में कर्त्तव्यों व दायित्वों के निर्वहन में कोताही बरत रही है । इसके अलावा जिला पार्षदों के प्रति भेदभाव, मनमाने तरीके से कार्य करना, पंचम वित्त की राशि का समय पर खर्च कर अनावश्यक विलंब करना, जिला परिषद के कार्याें में अनावश्यक रूप से अवरोध पैदा करना, जिला परिषद की संपत्तियों की समुचित ढंग से रख-रखाव नहीं करना आदि आरोप शामिल हैं।

अविश्वास प्रस्ताव पर रूपेश कुमार सिंह, वर्षा देवी, लियाकत अली, नागेश्वर बैठा, सुरेश प्रसाद यादव, पुष्पा कुमारी, नुसरत परवीण, नम्रता राज, जयमित्रा देवी, सुनिता सिंह, जितेंद्र कुमार, शांति देवी, पूनम देवी, स्नेहा सिंह, रेणू देवी के हस्ताक्षर शामिल हैं।

अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आते ही जिला परिषद की राजनीतिक सरगर्मी बढ गई है। विक्षुब्ध पार्षदों ने बहुमत का आंकड़ा अपने पक्ष में होने का दावा किया है। हालांकि 15 सदस्यों ने ही प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। जबकि अध्यक्ष को हटाने के लिए 24 पार्षदों की जरुरत पड़ेगी। अध्यक्ष से संपर्क साधने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे बात नहीं हो पायी ।

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