माँ के आंखों सामने आग में जिंदा जल गए दो मासूम, कुछ नहीं कर सके लाचार माता-पिता

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छपरा। अपने लाडले को अपनी आंखों के सामने अग्नि की भेंट चढ़ते देख असहाय बने रहे मां बाप । प्रकृति की विनाश लीला क्या होती है और प्राकृतिक आपदा के समय मनुष्य किस तरह असहाय व लाचार हो जाता है। इसे जान टोला गांव में भीषण अगलगी की घटना के दौरान शुक्रवार की रात को देखने को मिली । एक मां-बाप किस तरह असहाय व लाचार बने रहे और उनकी ऑखों के सामने उनके लाडले अग्नि की भेंट चढ़ गए । नन्हक महतो और उसकी पत्नी अपने बच्चों को आग में जलते देख कर विलख- विलख कर रोते रहे । भीषण ठंड व घने कोहरे के कोहरा के कारण वातावरण में छाये सन्नाटा को नन्हक महतो व उसकी पत्नी की करूण कंद्रन तोड़ रही थी।आग लगने की शोर गुल सुन कर जुटी भीड़ की भी हिम्मत जवाब दे गई। हालांकि लोगों के प्रयास से आग पर काबू पा लिया गया और अन्य घरों को जलने से बचा लिया गया । इस वजह से कई झोपड़ियों को उजाड़ना भी पड़ा। जब आग पर काबू पा लिया गया तो, नन्हक महतो की जली झोपड़ी में उनके पुत्र व पुत्री का झुलसा हुआ शव निकाला गया । इस घटना के बाद रात भर अग्नि पीड़ितों ने खुले आसमान के नीचे रात गुजारी । इस हृदय विदारक घटना से ग्रामीण स्तब्ध हैं । सुबह में सदर अंचल पदाधिकारी राजीव रंजन पाठक, मुखिया पशुराम राय आदि ने पहुंच कर घटना की जांच की । कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत तीन तीन हजार रुपये की सहायता राशि अंतिम संस्कार के लिए पीड़ित परिवार को दिया गया ।

चार चार लाख की दी जाएगी सहायता

अगलगी की घटना में मरे दोनों बच्चों के परिजनों को चार चार लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी । अंचल पदाधिकारी राजीव रंजन पाठक ने बताया कि अगलगी के शिकार लोगों को आवश्यक सहायता राशि व अन्य सामान उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है । उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा सहायता के तहत दोनों बच्चों के आश्रित को चार चार लाख रुपये की राशि दी जाएगी । इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बनाने की दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी ।

सावधान! आपकी लापरवाही बन सकती है आपदा का बड़ा कारण

ठंड के इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही बड़े आपदा का कारण बन सकती है । इस मौसम में आग से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है । खासकर झोपड़ीनुमा व खपरैल मकान में रात के समय जलता हुआ आग छोड़ कर सोना खतरे से खाली नहीं है । ठंड के मौसम में अगलगी की घटना काफी बढ जाती है और इस वर्ष ठंड के इस मौसम में एक दर्जन से अधिक आगलगी की घटना हो चुकी है । हालांकि यह पहली घटना है जिसमें जान माल की काफी क्षति हुई है । इसके पहले रिविलगंज थाना क्षेत्र के बीरम परसा गांव में अगलगी की घटना में एक घर जलकर राख हो गया । यह घटना भी रात के समय हुयी थी । इसके अलावा रिविलगंज थाना क्षेत्र के ही रायपुर बंगरा, डोरीगंज थाना क्षेत्र के महाजी बीन टोलिया में दो बार, अवतार नगर थाना क्षेत्र के सप्तापुर, कंस दियारा समेत कई अन्य स्थानो पर आगलगी की घटना हो चुकी है।

करें यह उपाय-

  • खाना बनाने के बाद चुल्हे की आग बुझा दे
  •  ढिबड़ी व लालटेन बुझा कर सोये
  • मवेशी के खटाल में आग जलते हुए नहीं छोड़े
  • अलाव तापने के बाद सोने के पहले बुझा दे
  •  बिजली के बल्ब को सोने के पहले ऑफ कर दें
  • किचेन के गैस सिलेंडर को बंद कर दें
  • किचेन के लाइट को ऑफ कर दे
  •  दिन में खाना बनाने के बाद चुल्हे की राख फेंकने के पहले आग बुझा दे
  • आग जला कर कमरे में रख कर नहीं सोए
  •  हीटर चालू कर बंद कमरे में नहीं सोए । हीटर का प्रयोग करते समय कमरे का दरवाजा खुला रखे ।
  • बंद कमरे में हीटर का प्रयोग करने पर जान जा सकती है
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