फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का हुआ शुभारंभ, आशा घर-घर जाकर खिलायेंगी सवर्जन दवा

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जिले में 14 दिनों तक चलेगा अभियान
29 लाख से अधिक लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य
दो वर्ष कम उम्र के बच्चे व गर्भवती महिलाओं को नहीं दी जायेगी दवा
गोपालगंज: फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिला सहित अन्य प्रखंडों में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम(एमडीए) की शुरुआत की गयी। सदर अस्पताल में सिविल सर्जन के साथ अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों ने फाइलेरिया की दवा सेवन कर कार्यक्रम की आधिकारिक शुरुआत की। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. नंदकिशोर प्रसाद सिंह ने बताया कि फाइलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में अगले 14 दिनों तक सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए आशा घर-घर जाकर 2 साल से अधिक उम्र के लोगों को अपने सामने फाइलेरिया की दवा खिलाएंगी। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर रोग है जिसे फाइलेरिया की दवा सेवन से ही बचा जा सकता है। कभी-कभी फाइलेरिया के परजीवी शरीर में होने के बाद भी इसके लक्ष्ण सामने आने में वर्षों लग जाता है। इसलिए फाइलेरिया की दवा का सेवन सभी लोगों के लिए लाभप्रद है। इस अवसर पर डब्ल्यूएचओ के राज्य समन्वयक डॉ. राजेश पांडेय, जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अरविन्द कुमार, पूर्व डीएमओ चंद्रिका प्रसाद साह, पीसीआई के जिला समन्वयक सुनिल अग्रवाल, एसएमओ, मलेरिया इंस्पेक्टर समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।

दो साल कम उम्र के बच्चे व गर्भवती महिलाओं नहीं दी जायेगी दवा:
डब्ल्यूएचओ के राज्य समन्वयक डॉ. राजेश पांडेय ने कहा कि फाइलेरिया की दवा दो साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जानी है। साथ ही गर्भवती महिलाओं व गंभीर रूप से बीमार लोगों को यह दवा नहीं खिलाया जायेगा। अलबेंडाजोल सभी लोगों दिया जाना है। डीईसी एवं एलबेंडाजोल की गोलियाँ लोगों की दी जाएगी।

2932437 लोगों को खिलाई जायेगी दवा:
प्रभारी जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. हरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि जिले में 2932437 लोगों को फाईलेरिया से बचाव की दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। जिले में फाईलेरिया उन्मूलन अभियान के लिए टीम का गठन कर लिया गया है। 1662 कर्मियों की टीम बनायी गयी है। प्रत्येक दस आशा कार्यकर्ताओं पर एक सुपरवाईजर की प्रतिनियुक्ति की गयी है।
जिलास्तर से प्रखंड स्तर तक होगी मॉनिटरिंग:
फाईलेरिया उन्मूलन अभियान का जिलास्तर से लेकर प्रखंडस्तर तक मॉनिटरिंग की जायेगी। इसके लिए नौ सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम को अलग-अलग प्रखंडों में जांच के लिए भेजा जायेगा।

एक दिन में 50 घरों मे दवा खिलायेंगी आशा
प्रत्येक आशा को एक दिन करीब 50 घर में दवा खिलाने का लक्ष्य दिया गया है। अभियान को सफल बनाने हेतु आशा एवं आँगनवाड़ी सेविका-सहायिका घर-घर जाकर लक्षित समुदाय को फाइलेरिया की दवा खिलाएगी। साथ ही आशा एवं आंगनवाड़ी यह सुनश्चित करेंगे कि उनके सामने ही लोग दवा का सेवन करें।

खाली पेट दवा का सेवन नहीं करें:
लोग खाली पेट दवा का सेवन नहीं करें. कभी-कभी खाली पेट दवा खाने से भी कुछ समस्याएं होती है। लोगों में फाइलेरिया की दवा सेवन के साइड इफ़ेक्ट के बारे में कुछ भ्रांतियाँ है जिसे दूर करने की सख्त जरूरत है। फाइलेरिया की दवा सेवन से जी मतलाना, हल्का सिर दर्द एवं हल्का बुखार हो सकता है जो शरीर में मौजूद फाइलेरिया के परजीवी के मरने के ही कारण होता है। यदि दवा खाने से कोई साइड इफ़ेक्ट होता है तो उसके उपचार के लिए एंटासीड कीट की भी व्यवस्था की गयी है।

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