छपरा में GRP पुलिस को बड़ी कामयाबी, 3 मानव तस्कर गिरफ्तार, 10 बाल मजदूरों कराया मुक्त

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Chhapra Desk: ट्रेनों से बाल मजदूरों की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का राजकीय रेलवे पुलिस ने खुलासा की है और दस बाल मजदूरों को बरामद किया । जीआरपी ने तीन मानव तस्करों को गिरफ्तार करने में भी कामयाबी हासिल की है । इस आशय की जानकारी रेलवे एसडीपीओ मो तनवीर ने छपरा जंक्शन रेल थाना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में शुक्रवार को दी । उन्होंने बताया कि बरामद बाल मजदूरों को कटिहार से लाया जा रहा था । एकमा रेलवे स्टेशन पर जांच के दौरान रेल थानाध्यक्ष सुमन कुमार सिंह, सअनि नागेन्द्र कुमार सिंह तथा सिपाही परमेश्वर कुमार ने एक साथ काफी संख्या में बाल मजदूरों को हाजीपुर- फुलवरिया पैसेंजर ट्रेन से उतरते हुए देखा तो, रोक कर पूछ ताछ की । इस दौरान बच्चों को ले जा रहे तीन युवकों ने बताया कि रेलवे के बलिया के ठेकेदार सीबी सिंह और उनके मुंशी राजकुमार सिंह के द्वारा रंग रोगन का कार्य करने के लिए बाल मजदूरों को लाने के लिए कहा गया था । ठेकेदार व मुंशी के कहने पर बाल मजदूरों को प्रेरित कर लाया जा रहा था । बरामद दसों बाल मजदूरों को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया । इस मामले में तीन मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें कटिहार जिले के अमदाबाद थाना क्षेत्र के कौआमोड़ निवासी होरिल ऋषि के पुत्र जीतेन्द्र ऋषि, प्रसादी ऋषि के पुत्र उपेन्द्र ऋषि तथा कोढा थाना क्षेत्र के भटवारा गांव निवासी भुवनेश्वर ऋषि के पुत्र मंसुरी ऋषि शामिल हैं । उन्होंने बताया कि मानव तस्करी करने तथा बाल श्रम कानून का उल्लंघन करने के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी है और गिरफ्तार किये गये तीनों मानव तस्करों को जेल भेज दिया गया । उन्होंने बताया कि इस मामले में रेलवे के ठेकेदार सीबी सिंह और उनके मुंशी राजकुमार सिंह को गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है । उन्होंने बताया कि कटिहार से हाजीपुर आने वाली पैसेंजर ट्रेन से बाल मजदूरों को हाजीपुर लाया गया और पुनः वही ट्रेन हाजीपुर से फुलवरिया पैसेंजर ट्रेन बनकर जाती है । उन्होंने बताया कि उसी ट्रेन से बाल मजदूरों को एकमा लाया गया । उन्होंने बताया कि गिरफ्तार तीनों मानव तस्करों के पास से लाभा स्टेशन से सीवान तक का 13 टिकट बरामद किया गया है । इसके अलावा तीन मोबाइल बरामद किया गया है । उन्होंने बताया कि गिरफ्तार तीनों युवकों ने स्वीकार किया है कि वह बाल मजदूरों को रोजगार दिलाने के लिए प्रेरित कर ले जाते हैं और इसके एवज में ठेकेदारों से मोटी रकम लेते हैं । उन्होंने बताया कि बरामद सभी बाल मजदूर कटिहार जिले के विभिन्न गांवों के हैं जिनकी उम्र दस से बारह वर्ष है । सभी बाल मजदूरों को बाल कल्याण समिति को सौंपने के साथ ही परिजनों को इसकी सूचना दे दी गयी है । उन्होंने बताया कि राजकीय रेलवे पुलिस मानव तस्करी, शराब की तस्करी, नशा खुरानी गिरोह, ट्रेनों में महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चला रही है और इसी अभियान के क्रम में यह सफलता मिली है । उन्होंने कहा कि मानव तस्करों के पास से बरामद मोबाइल का काल डिटेल्स रेलवे पुलिस खंगाल रही है और मानव तस्करों से मिले महत्वपूर्ण सुराग के आधार पर कार्रवाई की जा रही है । उन्होंने एक साथ दस बाल मजदूरों को मुक्त कराने की कार्रवाई को रेलवे पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कामयाबी बताया और कहा कि यह जरूरी नहीं है कि बाल मजदूरों से मजदूरी कराया जाता । इनसे किसी अन्य तरह की अनैतिक कार्य भी कराया जा सकता था और इनके शरीर के अंगों को निकाल कर बेचने वाले गिरोह के हाथों भी बच्चों को बेचा सकता था । उन्होंने रेल पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की भी घोषणा की ।

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