Exclusive: सारण के 57 निजी नर्सिंग होम व जांच घरों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बंद करने का दिया आदेश

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गणपत आर्यन की रिपोर्ट

छपरा। बायोमेडिकल कचरा के निस्तारण में नियमों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों, संस्थानों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कार्रवाई की है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सारण में ऐसे 57 निजी अस्पतालों व जांच घरों पर कार्रवाई की है। इन संस्थानों को नोटिस तामिल करते हुए बंद करने का आदेश दिया है। बताया गया है कि पहले में नोटिस थमाने के बावजूद भी अस्पातालों द्वारा बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट कानून का पालन नहीं किया गया। इस सूरत में कहा गया है कि क्यों न इन अस्पतालों को बंद कर दिया जाये। इन अस्पतालों से बिजली की सुविधा भी हटा ली जायेगी। विदित हो कि अस्पतालों के संचालन के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से इटीपी के लिए स्थानार्थ व संचालनार्थ सहमति लेना जरुरी है। इसमें किसी अस्पतालों ने बोर्ड से सहमति नहीं लिया है। जिसके आलोक में कार्रवाई की गई है।

वेट्रन्स फोरम के दायर याचिका में एनजीटी ने दिया है फैसला
बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियम को लागू करने के लिए वेट्रन्स फोरम ने 2017 में एनजीटी में वाद दायर किया था। इस मामले में एनजीटी ने आदेश दिया कि जिन अस्पतालों में इटीपी नहीं लगा है उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाये। 

10 जनवरी को होनी है सुनवाई
इस मामले में 10 जनवरी को एनजीटी में सुनवाई होनी है। जिसमें एनजीटी ने बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव को हाजिर होने का निर्देश दिया गया है। 


बायोमेडिकल कचरा से होती है कई तरह की बीमारी,किसी अस्पतालों में नहीं है इटीपी की सुविधा
वेट्रन्स फोरम के महासचिव व सेवानिवृत विंग कमांडर डॉ. बीएनपी सिंह ने बताया कि जिन अस्पतालों में इटीपी नहीं लगा है उसे बंद करने का निर्देश है। सारण में अभी तत्काल 57 अस्पतालों को नोटिस भेज कर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बंद करने का निर्देश दिया है। यहां बता दें कि अस्पतालों से पैदा होने वाला बायोमेडिकल कचरा जल, थल और वायु को प्रदूषित करता है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के अनुसार यह मौत का सामान भी है। इस कचरे से इनफेक्शन, एचआईवी, महामारी, हेपेटाइटिस जैसी बीमारियां होने का भी डर बना रहता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने वर्ष 2016 में बायोमेडिकल वेस्ट मैनजमेंट के लिए संशोधित नियमावली बनाई। लेकिन अधिकतर ने इसका सख्ती के साथ पालन नहीं किया। लेकिन जब एनजीटी ने कड़ा रुख अपनाया तब सभी राज्य हरकत में आये।

जुर्माना का है प्रावधान
एनजीटी के निर्देशानुसार जो अस्पताल बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का निस्तारण सही तरीके से नहीं कर रहे हैं उनपर 50 हजार रुपयों का जुर्माना लगाया जाना है।

आदेश है कार्रवाई की जायेगी:डीएम
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से इन अस्पतालों में इटीपी आदि की सुविधा लेने के लिए कार्रवाई की गई है। ऐसे में नहीं लेने वाले पर निर्देश के आलोक में कार्रवाई की जायेगी। निर्देशों का सख्ती से पालन होगा।
सुब्रत कुमार सेन,डीएम,सारण

Ganpat Aryan

Web Media Journalist

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