देशभर के सुपरफास्ट ट्रेनों के लिए बिहार में बना इंजन, 40 हजार करोड़ का है निवेश

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पटना.बिहार का इंजन देश की सुपरफास्ट ट्रेन को खींचेगा। मधेपुरा रेल कारखाने में इलेक्ट्रिक इंजन बनाने का काम अंतिम चरण में है। तय कार्यक्रम के मुताबिक 28 फरवरी 2018 को फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां बने इंजन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। फ्रांस की एल्सटॉम कंपनी प्रधानमंत्री मोदी की मेक इन इंडिया स्कीम के तहत मधेपुरा की रेल फैक्ट्री में 12 हजार हॉर्स पावर का इलेक्ट्रिक इंजन बना रही है। यह देश में रेलवे में पहला प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भी है।

वर्ष 2020-21 तक 95 इंजन का होगा निर्माण

अब तक 12 हजार हॉर्स पॉवर का इलेक्ट्रिक इंजन का निर्माण भारत के किसी भी रेल कारखाने में नहीं हुआ है। 2015 में एल्सटॉम और भारत सरकार के साथ हुए समझौते के तहत मधेपुरा रेल कारखाने में इंजन निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई। इस फैक्ट्री में 800 इंजन का निर्माण किया जाएगा। प्रारंभ में कंपनी यहां इंजन एसेम्बल करेगी। इसके बाद वर्ष 2020-21 तक 95 इंजन का निर्माण होगा, उसके बाद प्रतिवर्ष 100 इंजन का निर्माण किया जाएगा। एक इंजन की कीमत करीब 30 करोड़ रुपए होने की संभावना है।

हजारों लोगों को रोजगार

यह फैक्ट्री 250 एकड़ में फैली है, इसमें प्रत्यक्ष रूप से करीब 5 हजार लोगों को नौकरी मिलेगी। जबकि अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। सबसे बड़ी बात है कि मधेपुरा एक औद्योगिक कलस्टर के बन जाएगा।

12 हजार हॉर्स पॉवर के इंजन से क्या होगा फायदा
अभी देश में 6 हजार हॉर्स पॉवर का इलेक्ट्रिक इंजन का उपयोग किया जाता है। प्रारंभ में इस इंजन का उपयोग गुड्स ट्रेन में किया जाएगा।अभी देश में गुड्स ट्रेन की रफ्तार 50- 60 किलोमीटर के लगभग है। 12 हजार हॉर्स पॉवर के इलेक्ट्रिक इंजन लगने के बाद ट्रेन की रफ्तार दोगुनी हो जाएगी। यानी ट्रेन 120 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ेगी। इससे गुड्स के गंतव्य तक पहुंचाने में कम समय लगेगा।

11 साल में बनेंगे 800 इलेक्ट्रिक इंजन

रेलवे ट्रैक पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाले (12 हजार एचपी की) 800 बिजली रेल इंजन 11 साल के अंदर तैयार कर एल्सटॉम कंपनी को भारतीय रेल को देना होगा। इसके बदले भारतीय रेल उसे 19,000 करोड़ रुपए देगी।

– मार्च 2018 से फरवरी 2019 तक 4 इंजन
– मार्च 2019 से मार्च 2020 तक 35 इंजन
– अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक 65 इंजन
– अप्रैल 2021 से प्रतिवर्ष 100 इंजन

इधर, जीई भी मढ़ौरा में बनाएगी इंजन
जीई मढ़ौरा में इलेक्ट्रिक इंजन का निर्माण करेगी। इसके लिए कंपनी और भारत सरकार के बीच समझौता हुआ है।

40 हजार करोड़ का निवेश

राज्य में एल्सटॉम व जीई 40 करोड़ रु. निवेश करेगी। पहले चरण में मढ़ौरा में जीई ने 2052 व मधेपुरा में एल्सटॉम ने 1293 करोड़ निवेश किया है।

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