परिवार नियोजन जागरूकता के लिए सारथी रथ रवाना, सिविल सर्जन ने दिखाई हरी झंडी

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छपरा। विश्व जनसंख्या दिवस पर गुरूवार को जिला सिविल सर्जन माधवेश्वर झा ने परिवार नियोजन पर जागरूकता फ़ैलाने के लिए ‘सारथी जागरूकता रथ’ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। जिले में 11 जुलाई से 24 जुलाई तक परिवार विकास पखवाडा मनाया जाएगा। सारथी वाहन के जरिए इस पखवाड़े के दौरान प्रखंडों में घूम-घूम कर परिवार नियोजन कार्यक्रम के उद्देश्य, लाभ एवं परिवार नियोजन सेवा के अंतर्गत दी जाने वाली विभिन्न उपायों के संदर्भ में आमजन को जानकारी उपलब्ध करायी जाएगी।

सिविल सर्जन माधवेश्वर झा ने कहा कि सामुदायिक जागरूकता से परिवार नियोजन साधनों के इस्तेमाल में बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है। सीमित परिवार हर मायने में खुशहाली का प्रतीक होता है। छोटे परिवार में ही बच्चों की बेहतर परवरिश संभव होती है एवं उन्हें जरुरी संसाधन उपलब्ध हो पाती है। इसलिए विश्व जनसंख्या दिवस के माध्यम से आम लोगों को नियोजित परिवार के विषय में संकल्पित होने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि पखवाड़े के दौरान सारथी जागरूकता रथ के जरिए चलचित्र एवं बैनर के माध्यम से स्वस्थ माँ एवं तंदरुस्त बच्चा हेतु सही उम्र में शादी, पहला बच्चा शादी के कम से कम दो साल बाद, दो बच्चों के बीच कम से कम तीन साल का अंतर एवं बच्चे दो ही अच्छे विषय पर परामर्श देते हुए गर्भनिरोधक उपाय अपनाने को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही परिवार नियोजन उपायों को अपनाने में पुरुषों की भी सामान सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जाएगा। 

यह आधुनिक सुविधाएं होंगी उपलब्ध 

  • सारथी जागरूकता रथ में जीपीएस की सुविधा उपलब्ध होगी।
  • लेड स्क्रीन एवं फ्लेक्स बैनर के माध्यम से परिवार नियोजन सेवाओं के बारे में प्रचार-प्रसार 
  • परिवार नियोजन के उपायों के संदर्भ में लिफ़लेट का वितरण 
  •  अस्थायी सेवा के तहत गर्भनिरोधकों जैसे कंडोम एवं गर्भ निरोधक गोलियों( माला-एन, छाया एवं आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली) का वितरण
  • स्थायी सेवा यथा महिला नसबंदी, पुरुष नसबंदी, प्रसवोपरांत नसबंदी के लिए इच्छुक लाभार्थी का पंजीयन के साथ प्रसवोपरांत कॉपर-टी संस्थापन एवं गर्भनिरोधक सुई-अंतरा लगवाने हेतु पंजीयन की सुविधा 

परिवार नियोजन उपायों पर करेगी जागरूक 
सारथी जागरूकता रथ के माध्यम से परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी विधियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।महिला नसबंदी एक स्थायी साधन है जिसे मात्र 15 मिनट में दक्ष चिकित्सक द्वारा किया जाता है। या विधि प्रसव/ गर्भपात के 7 दिन के अंदर या 6 सप्ताह बाद अपनाया जा सकता है। पुरुष नसबंदी भी एक स्थायी साधन है जिसे मात्र 10 मिनट में दक्ष चिकित्सक द्वारा बिना चिड-फाड़ के किया जाता है। जिसमें 1 घंटा बाद लाभार्थी की छुट्टी भी हो जाती है। यह विधि कभी भी अपनायी जा सकती है एवं इससे किसी भी प्रकार की कमजोरी नहीं होती है।कॉपर-टी एक अस्थायी विधि जिससे बच्चों के जन्म में अंतर रखा जा सकता है. कॉपर- टी विधि 10 वर्षों एवं 5 वर्षों के लिए अपनायी जा सकती है। कॉपर-टी निकलवाने के बाद प्रजनन क्षमता तुरंत वापस आ जाती है।गर्भनिरोधक गोली माला-एन एक सुरक्षित हार्मोनल गोली है जिसे महिला को एक गोली प्रतिदिन लेनी होती है। माहवारी शुरू होने के 5 वें दिन से गोली की शुरुआत करनी चाहिए। स्तनपान कराने वाली महिलाओं को प्रसव के 6 माह तक इस गोली का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।अंतरा एवं छाया दोनों परिवार नियोजन के नवीन अस्थायी विधियाँ है। अंतरा एक सुई है जो तीन माह तक प्रभावी रहता है। लंबे समय तक सुरक्षा के लिए हर तीन महीने में सुई लगवानी होती है। जबकि छाया एक गोली है जिसे सप्ताह में एक बार तीन महीने तक, फिर सप्ताह में केवल एक बार जब तक बच्चा न चाहें।

Ganpat Aryan

Ganpat Aryan

Multimedia Journalist

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