कालाजार उन्मूलन में चिकित्सकों की भूमिका महत्वपूर्ण : सीएस

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छपरा । आइएमए हाल में एक दिवसीय कालाजार उन्मूलन प्रशिक्षण कार्यक्रम सह कार्यशाला का आयोजन सोमवार को किया गया । इस अवसर पर सिविल सर्जन डा माधवेश्वर झा ने कहा कि कालाजार उन्मूलन में चिकित्सकों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है । कालाजार मरीजों की खोज तथा उनका समुचित इलाज चिकित्सकों के प्रयास से ही संभव है। उन्होंने कहा कि सारण जिला कालाजार उन्मूलन के मामले में काफी अग्रसर है और हम अपने लक्ष्य को हासिल करने के करीब पहुंचने वाले हैं। उन्होंने कहा कि सारण देश का पहला जिला है, जहां कालाजार उन्मूलन के लिए सिंगल डोज इंजेक्शन की सुविधा शुरू की गई है। इस जिले में सिंगल डोज इंजेक्शन से कालाजार उन्मूलन में मिली सफलता के बाद ही देश के अन्य जिलों में इस व्यवस्था को लागू किया गया है। उन्होंने चिकित्सकों को आह्वान किया कि कालाजार उन्मूलन के लिए सभी संसाधन व सुविधा उपलब्ध है और अस्पताल में आने वाले मरीजों में कालाजार का लक्षण पाए जाने पर तत्काल इसकी जांच कराएं और उन्हें सदर अस्पताल मे रेफर करें । साथ ही उन्होंने कहा कि कालाजार मरीजों को क्षतिपूर्ति भत्ता भी देने का प्रावधान किया गया है, जिससे गरीब व कमजोर वर्ग के वैसे मरीज जो मजदूरी कर अपना तथा अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं, उन्हें क्षतिपूर्ति भत्ता के रूप में राशि उपलब्ध कराई जा रही है । उन्होंने कहा कि बोन मैरो टेस्ट समेत अन्य आवश्यक जांच की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है। इस अवसर पर जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि जिले के कुछ गिने-चुने प्रखंडों के गांव हैं, जहां कालाजार के मरीज वर्तमान समय में पाए गए हैं और अब तक जितने भी मरीज पाए गए हैं । सभी का इलाज और उन्हें पूरी तरह स्वस्थ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसका प्रकोप व संक्रमण रोकने के लिए डीडीटी का छिड़काव सघन रूप से कराया गया है। उन्होंने कहा कि कालाजार उन्मूलन के लक्ष्य को पूरा करने में सारण जिला पूरी तरह सफल व कामयाब हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीएससी के ओपीडी में आने वाले मरीजों में कालाजार के लक्षण पाए जाने पर तत्काल उन्हें जांच कर इलाज शुरू कर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिंगल डोज इंजेक्शन की सुविधा बहाल होने के बाद से कालाजार की रोकथाम काफी सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि जिले में पिछले साल की तुलना में इस वर्ष 74 प्रतिशत केस कम मिले हैं। इस रिविलगंज, नगरा, मकेर ,दिघवारा में काफी कम केस मिलें है । उन्होंने सात अगस्त से शुरू होने वाले डीडीटी छिङकाव कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।

इस अवसर पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डा दीपक कुमार ने कालाजार मरीजों के पैथोलॉजिकल जांच के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कालाजार उन्मूलन राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ राजेश पांडे ने चिकित्सकों को कालाजार के इलाज के मामले में नॉलेज को हमेशा अपडेट कर ले की सलाह दी और कहा कि देश को दुनिया में कालाजार उन्मूलन के क्षेत्र में जो बदलाव हो रहा है, उसकी जानकारी सभी चिकित्सकों को होनी चाहिए । इस अवसर पर डब्ल्यूएचओ के डॉ रणजीतेश कुमार, डॉक्टर सुमन सौरव, सुधीर, अनुज आदि ने अपने अपने विचार व्यक्त किये । इस अवसर पर केटीएस मारूती करूणाकर, सुजीत जयसवाल, अभिषेक कुमार, रंजन कुमार सिंह, नेसार अहमद, सत्येन्द्र कुमार आदि के अलावा सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों ने भाग लिया।

Ganpat Aryan

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Multimedia Journalist

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