AISF के प्रशिक्षण शिविर में दूसरे दिन शिक्षानीति पर चर्चा, 2 जुलाई तक चलेगा शिविर

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सिवान। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन शुक्रवार को शिक्षा नीति के विविध पहलुओं से छात्र – छात्राएं रू-ब-रू हुए। अखिल भारतीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. अरूण कुमार ने विद्यार्थियों से कहा कि सस्ती शिक्षा, अच्छी शिक्षा सबका बुनियादी अधिकार है। आजादी के बाद शिक्षा पर बने सबसे प्रगतिशील आयोग, कोठारी आयोग ने सबको शिक्षा उपलब्ध कराने की वकालत करते हुए जीडीपी की 6 फीसदी शिक्षा पर खर्च करने की आवश्यकता जताते हुए पड़ोस के विद्यालय की बात कही थी, लेकिन आज भी हमारी सरकार इसे पूरा करने से कतरा रही है। उन्होंने कहा कि दरअसल हमारी सरकार सबको शिक्षा देने के बजाय कुछ लोगों तक ही शिक्षा सीमित करना चाहती है। प्रो. कुमार ने केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति को जन विरोधी बताते हुए शिक्षा के केंद्रीकरण, बाजारीकरण और कारपोरेटीकरण का जरिया बताया।उन्होंने कहा कि शिक्षा जब खरीद बिक्री की वस्तु बन जाती है। तब वह अपने मूल उद्देश्य से भटक जाती है।
वहीं दूसरे सत्र में मजदूर नेता का. शिवशंकर शर्मा ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति पर बातचीत में कहा कि देश गंभीर संक्रमण के दौर से गुजर रहा है। सही मायने में वर्तमान केन्द्र सरकार थैलीशाहों का खिलौना बन चुकी है। जहां आम आदमी की बात तो की जाती है, लेकिन उनकी बजाय कुछ मुट्ठी भर लोगों के लिए सब कुछ तय करना चाहती है। छात्रों को अध्ययन और संघर्ष को आत्मसात कर आगे बढ़ना होगा। मौके पर एआइएसएफ के राष्ट्रीय सचिव सुशील कुमार ने सबको एक समान शिक्षा दिलाने के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि शिविर 2 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान संगठन के राज्य अध्यक्ष रंजीत पंडित, राज्य उपाध्यक्ष राहुल कुमार यादव भी मौजूद थे। जन्मेजय कुमार को मुनिटर एवं मधु पांडे को सहायक मुनिटर चुना गया। इस मौके पर लगभग पांच दर्जन विभिन्न जिलों के छात्र–छात्राएं कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं।

Ganpat Aryan

Ganpat Aryan

Multimedia Journalist

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