खनुआ नाला पर बनें 386 दुकान तोड़ने का समय समाप्त, निगम आयुक्त समेत 11 अफिसरों पर क्रिमिनल केस दायर

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छपरा। खनुआ नाला पर बने 386 दुकान को तोड़ने का आदेश एनजीटी ने दिया था।जिला प्रशासन व नगर निगम द्वारा पिछले सुनवाई में चार सप्ताह के भीतर तोड़ देने की बात कही गई।एनजीटी ने इसे मानते हुए प्रशासन को चार सप्ताह का समय दे दिया।गुरुवार को चार सप्ताह पूरा हो गया।प्रशासन ने नाले से एक दुकान तक नहीं हटाई और न ही कोई पहल शुरु की।इस बीच डीएम ने नाला से अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम के आयुक्त समेत 11 प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारियों की टीम बना दी।जिन्हें कार्रवाई करते हुए डीएम को रिपोर्ट देनी थी।इस बीच कुछ भी नहीं होने पर याचिकाकर्ता वेट्रन फोरम फॉर ट्रांसपरेंसी इन पब्लिक लाइफ संस्था के राष्ट्रीय सचिव व सेवानिवृत विंग कमांडर डा. बीएनपी सिंह ने गुरुवार को एसडीओ कोर्ट में निगम आयुक्त समेत 11 अधिकारियों विरुद्ध धारा-133 के तहत क्रिमनल केस के लिए याचिका दाखिल कर दी।इस मामले में अब एसडीओ सुनवाई करेंगे।बता दें कि पहले एनजीटी ने नाला पर हुए निर्माण को ध्वस्त कर मूल स्वरुप में लाने का आदेश दिया था।आदेश की अवहेलना होने पर फोरम ने फिर से याचिका दायर की।जिसमें कोर्ट नहीं तोड़ने पर नराजगी जताया और लिखित में जवाब मांगा था।इस मामले में डीएम ने स्प्ष्ट तौर पर कहा है कि कोर्ट के आदेश को हर हाल में पालन किया जायेगा।चाहें जितना भी फोर्स लगे तोड़वाया जायेगा। डीएम ने इसी आलोक में पुलिस मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति कर दी।लेकिन कोर्ट के आदेश के बावजूद भी तोड़ा नहीं गया।

इन अधिकारियों पर की गई क्रिमनल केस

  1. अंजय कुमार राय,निगम आयुक्त,छपरा नगर निगम
  2. विजय कुमार सिंह,सदर सीओ
  3. नित्यानंद पांडेय,पंचायती राज पदाधिकारी
  4. सीमा यादव,एक्सक्यूटिव मजिस्ट्रेट
  5. गोविंद कुमार,सदर कॉपरेटिव अफिसर
  6. असगर अली,सफाई निरीक्षक,नगर निगम
  7. परमेश्वर प्रसाद,सफाई निरीक्षक
  8. असगर अली-2,जामादार
  9. लाल बाबू राम,जामादार
  10. कंचन कुमार,जामादार

ये है कारण
एनजीटी के आदेश की अवहेलना की गई।आदेश का पालन नहीं करने के कारण खनुआ नाला से अतिक्रमण नहीं हटा है।इस सूरत में ये अधिकारी जिम्मेवार है।लिहाजा धारा-133 के तहत क्रिमनल केस के लिए दाखिल की गई है।

ये है मामला
वेट्रन फोरम फॉर ट्रांसपरेंसी इन पब्लिक लाइफ के महासचिव रिटायर्ड विंग कमांडर डॉ. बीएनपी सिंह ने एनजीटी में सितंबर 2015 में वाद दायर किया था। जिसमें खनुआ नाला को अतिक्रमणमुक्त कर उसको पुराने स्वरूप में लाने की मांग की गई थी। वाद में खनुआ नाला के महत्व के बारे में विस्तार से चर्चा की गई थी। वाद में छपरा नगर परिषद, बिहार सरकार व अन्य को पार्टी बनाया गया। सुनवाई के शुरुआती दिनों में नगर परिषद ने बताया कि खनुआ नाला का नक्शा ही नहीं है। ट्रिब्यूनल ने जब सख्ती की तो नक्शा प्रस्तुत किया गया। प्रशासन के नक्शे में खनुआ नाले की चौड़ाई 108 फीट व लंबाई करीब 10 हजार फीट बताई गई है। वर्तमान में हालत यह है कि खनुआ नाला का अस्तित्व ही संकट में है। नाले पर न सिर्फ करीब 386 दुकान बना दिए गए हैं। बल्कि कई लोगों ने मकान व अन्य तरह के अवैध निर्माण भी कर लिए हैं।

डीएम से सीधी टू द प्वाइंट बातचीत
खनुआ नाला से अतिक्रमण हटेगा।इसमें कहीं दो राय नहीं है।रही बात अभी सोनपुर मेला शुरु हो गया।फोर्स अधिकारी इसमें लगे है।तीन दिसंबर को समाप्त होगा तो तोड़ने का काम शुरु होगा।इस मसले पर माननीय निरीक्षी न्यायाधीश द्वारा भी आदेश प्राप्त हुए।उनके समक्ष यह बात रखी गई।तोड़ने का प्लानिंग किया गया है।
हरिहर प्रसाद,डीएम

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