छपरा जंक्शन पर लावारिश हालत में काफी संख्या में कछुआ बरामद

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उत्तर प्रदेश से बंगाल ले जा रहे थे तस्कर, पूर्वी उत्तर प्रदेश व उत्तर बिहार में सक्रिय हैं कछुआ तस्कर

छपरा। पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या एक पर खङी आजमगढ़- कोलकाता एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल कोच से राजकीय रेलवे पुलिस ने जांच अभियान के दौरान लावारिश हालत में काफी संख्या में कछुआ मंगलवार को बरामद किया। रेल थाना के पुलिस अवर निरीक्षक प्रभुनाथ यादव ने बताया कि सहायक पुलिस अवर निरीक्षक संजय कुमार के नेतृत्व में ट्रेन में सर्च अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान बोरा में बंद कुछ सामान स्वयं हिल डोल रहा था। जांच के दौरान जीआरपी के जवानों को आशंका हुई तो, आस पास बैठे यात्रियों से पूछताछ की गई। लेकिन उसका कोई भी दावेदार नहीं मिला, जिसके बाद बंद बोरे को खोल कर देखा गया, जिसमें 26 कछुआ पाए गए । आशंका है कि तस्करों के द्वारा उत्तर प्रदेश से तस्करी कर कछुआ को पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था इस मामले में अज्ञात तस्कर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। बरामद कछुआ को सारण वन प्रमंडल पदाधिकारी को सुपुर्द कर दिया गया है।

डेढ़ साल पहले भी पकङा गया तस्करी का कछुआ

छपरा जंक्शन पर करीब डेढ़ वर्ष पहले भी करीब 400 कछुआ बलिया सियालदह एक्सप्रेस ट्रेन से 8 मार्च 2017 को बरामद किया गया था। हाल ही में हाजीपुर तथा मुजफ्फरपुर स्टेशन पर काफी मात्रा में कछुआ बरामद किया गया था। इसके पांच साल पहले भी काफी संख्या में कछुआ को बरामद किया गया था । इन दिनों कछुआ की तस्करी करने वाला गिरोह उत्तर बिहार तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में लंबे समय से सक्रिय हैं । बताया जाता है कि तस्करी कर कछुआ को दवा बनाने के लिए तस्करों के द्वारा ले जाया जाता है और मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल के अलावा असम, नागालैंड समेत अन्य राज्यों में ले इसकी काफी मांग है। पश्चिम बंगाल के रास्ते दूसरे देशों में भी कछुआ भेजे जाने की आशंका है।

वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत है संरक्षित

कछुआ को सरकार के द्वारा वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित किया गया है । कछुआ को पकड़ने, पालने तथा मारने या किसी भी रूप में इस्तेमाल करना दंडनीय अपराध है । सारण वन प्रमंडल पदाधिकारी लक्ष्येंद्र पंडित ने बताया कि बरामद कछुआ को संजय गांधी जैविक उद्यान में भेजा जाएगा।

Ganpat Aryan

Web Media Journalist

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